
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नए साल से पहले 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, यदि सरकार कर्मचारियों की मांग और पुराने पैटर्न को देखते हुए 2.64 के फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में एक ऐतिहासिक उछाल देखने को मिल सकता है।
यह भी देखें: राजीव युवा विकास योजना क्या है? कौन ले सकता है फायदा, ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका जानें
Table of Contents
क्या है 2.64 फिटमेंट फैक्टर का गणित?
फिटमेंट फैक्टर वह पैमाना है जिसके आधार पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय की जाती है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत यह 2.57 है।
- न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी: अभी केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन (Basic Pay) ₹18,000 है। यदि 8वें वेतन आयोग में इसे 2.64 गुना बढ़ाया जाता है, तो न्यूनतम सैलरी सीधे ₹47,520 के करीब पहुँच सकती है।
- पेंशनर्स को भी होगा लाभ: फिटमेंट फैक्टर में बदलाव का सीधा असर केवल सेवारत कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों पर भी पड़ेगा। उनकी बेसिक पेंशन में भी इसी अनुपात में बड़ी वृद्धि दर्ज की जाएगी।
कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
नियमों के मुताबिक, केंद्र सरकार हर 10 साल में नए वेतन आयोग का गठन करती है, 7वां वेतन आयोग 2016 में लागू हुआ था, इस लिहाज से 8वें वेतन आयोग को जनवरी 2026 से प्रभावी होना चाहिए, हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसके गठन की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कर्मचारी संघों का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
यह भी देखें: MRP से महंगी मिल रही है कोल्ड ड्रिंक या पानी? बस एक मैसेज और दुकानदार पर होगी FIR, जानें अपने ये 3 बड़े कानूनी अधिकार
कर्मचारी संघों की मांग: 3.68 फिटमेंट फैक्टर
भले ही 2.64 के गुणांक पर चर्चा हो रही हो, लेकिन कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 किया जाए, यदि सरकार इस मांग को मान लेती है, तो न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर सीधा ₹26,000 हो जाएगा।
महंगाई के दौर में सैलरी रिवीज़न का इंतज़ार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए 2025 का यह अंत और 2026 की शुरुआत निर्णायक साबित हो सकती है, आधिकारिक अपडेट के लिए कर्मचारी वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) की वेबसाइट पर नजर बनाए रख सकते हैं।
















