
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बदलाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आ चुका है। केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) गठित करने को मंजूरी दे दी है। यह आयोग अगले 18 महीनों में अपनी सिफारिशें सौंपेगा। इसके लागू होने से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख पेंशनधारक, यानी कुल मिलाकर लगभग 1 करोड़ लोग सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।
जहां एक तरफ सैलरी, DA-Dearness Allowance और एरियर में बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर पेंशन नियमों को लेकर कर्मचारियों के बीच कन्फ्यूजन बढ़ता जा रहा है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि नौकरी के दौरान इस्तीफा या VRS लेने से पेंशन पर क्या असर पड़ता है।
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UPS क्या है और क्यों है चर्चा में?
Unified Pension Scheme-UPS बनाम NPS-National Pension System
सरकारी कर्मचारियों के लिए पहले केवल Old Pension Scheme (OPS) थी। लेकिन 2004 में OPS की जगह NPS-National Pension System लाई गई। अब केंद्र सरकार ने एक और विकल्प देते हुए Unified Pension Scheme (UPS) को 1 अप्रैल 2025 से लागू कर दिया है।
केंद्रीय कर्मचारी अब चाहें तो
- NPS में बने रह सकते हैं
- या UPS में स्विच कर सकते हैं
NPS से UPS में स्विच करने की अंतिम तारीख पहले 30 जून 2025 थी, जिसे बढ़ाकर 30 नवंबर 2025 कर दिया गया।
UPS की प्रमुख विशेषताएं
UPS को कर्मचारियों के लिए ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने का दावा किया गया है। इसके तहत कई अहम फायदे मिलते हैं—
- एश्योर्ड फैमिली पेंशन (Assured Family Pension):
कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में उसकी तय पेंशन का 60% हिस्सा आश्रित परिवार को मिलेगा। - मिनिमम पेंशन गारंटी:
अगर किसी कर्मचारी की सर्विस 10 साल से कम भी रही हो, तब भी ₹10,000 प्रति माह की न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित है। - DA जोड़ने पर बढ़ेगी राशि:
मौजूदा DA को जोड़ने के बाद यह राशि करीब ₹15,000 प्रति माह हो जाती है। - DA का लाभ:
पेंशन, एश्योर्ड पेंशन और फैमिली पेंशन तीनों में Dearness Allowance (DA) लागू होगा, जो AICPI-IW (All India Consumer Price Index for Industrial Workers) पर आधारित रहेगा।
VRS-Voluntary Retirement Scheme लेने पर पेंशन मिलेगी या नहीं?
यह सबसे बड़ा सवाल है, जिसका जवाब हर कर्मचारी को पता होना चाहिए।
नियम क्या कहते हैं?
- अगर कर्मचारी पूरी सर्विस से पहले VRS लेता है, तो उसे पेंशन मिल सकती है, लेकिन यह सर्विस अवधि पर निर्भर करता है।
- UPS चुनने वाले कर्मचारी अगर
- 20 साल की सर्विस के बाद VRS लेते हैं → प्रो-राटा पेंशन मिलेगी
- क्योंकि 25 साल की सर्विस पूरी करने पर ही फुल पेंशन का प्रावधान है
- अगर कर्मचारी ने 10 साल से कम की सर्विस की है और VRS लिया है → पेंशन नहीं मिलेगी, सिर्फ ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा
यानी समय से पहले लिया गया गलत फैसला आपकी लाइफटाइम पेंशन रोक सकता है।
VRS के लिए नोटिस और अप्रूवल प्रोसेस
- VRS लेने के लिए कर्मचारी को कम से कम 3 महीने पहले लिखित नोटिस देना होगा
- यह नोटिस Appointing Authority को भेजा जाता है
- अगर विभागीय कामकाज प्रभावित नहीं होता, तो अथॉरिटी नोटिस पीरियड कम या एडजस्ट कर सकती है
अगर 3 महीने में कोई जवाब न आए तो?
- नियमों के मुताबिक, अगर नोटिस रिजेक्ट नहीं किया गया, तो VRS अपने आप मंजूर माना जाएगा
- कर्मचारी नोटिस में लिखी तारीख पर रिटायर हो सकता है
क्या VRS लेने के बाद फैसला बदला जा सकता है?
हां, लेकिन शर्तों के साथ—
- कर्मचारी को Appointing Authority की लिखित मंजूरी लेनी होगी
- VRS वापस लेने की रिक्वेस्ट रिटायरमेंट डेट से कम से कम 15 दिन पहले करनी होगी
हालांकि, कुछ कर्मचारी इस नियम से बाहर होते हैं—
- DoPT की स्पेशल VRS स्कीम वाले
- PSU या ऑटोनॉमस बॉडी में जॉब के लिए इस्तीफा देने वाले कर्मचारी
इन मामलों में UPS के तहत VRS लागू नहीं होता।
UPS में कितना होगा योगदान
- NPS में
- कर्मचारी: बेसिक सैलरी का 10%
- सरकार: 14%
- UPS में
- सरकार का योगदान बढ़कर 18.5% हो जाएगा
सरकार का योगदान बढ़ाने से पहले साल में करीब ₹6,250 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।
क्या रिटायरमेंट के बाद पेंशन स्कीम बदली जा सकती है?
नहीं।
- रिटायर कर्मचारी को एक बार ही विकल्प मिलेगा
- या तो NPS चुनेंगे या UPS
- बाद में पेंशन स्कीम बदलने की अनुमति नहीं होगी
















