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सर्दियों में क्यों फटती हैं एड़ियां? दिक्कत से निपटने का ये है रामबाण तरीका, जानें

सर्दियों में फटी एड़ियां हर किसी की परेशानी बन जाती हैं। ठंडी हवा नमी चुरा लेती है, एड़ियां सूखकर दर्द भरी दरारों में बदल जाती हैं। लेकिन चिंता न करें! रोज रात गाढ़ी क्रीम लगाएं, गुनगुने पानी में पैर भिगोएं, सूती मोजे पहनें और बंद जूते चुनें। कुछ ही दिनों में एड़ियां मुलायम, सुंदर हो जाएंगी। आज से शुरू करें ये आसान उपाय!

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जैसे-जैसे ठंड बढ़ती है, शरीर के बाकी हिस्सों की तरह पैरों की त्वचा भी प्रभावित होती है। खासकर एड़ियां इस मौसम में सबसे ज्यादा परेशान करती हैं। ठंडी और रूखी हवा शरीर से नमी खींच लेती है, जिससे पैरों की त्वचा सूखने लगती है। समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यही सूखापन फटी एड़ियों में बदल जाता है, जो दर्द और असुविधा का कारण बनता है।

एड़ियां फटने की मुख्य वजहें

एड़ियां फटने की समस्या केवल मौसम की देन नहीं है। खुले में चप्पल पहनना, लंबे समय तक खड़े रहना, उम्र बढ़ना या वजन अधिक होना भी इसके पीछे बड़े कारण हैं। इसके अलावा पैरों की मोटी त्वचा अधिक जल्दी डिहाइड्रेट होती है। नमी कम मिलते ही यह त्वचा सख्त होकर दरारें बना लेती है।

शुरुआती लक्षण पहचानना जरूरी

फटी एड़ियों की शुरुआत बहुत मामूली लग सकती है, लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर दर्द या संक्रमण का रूप ले लेती है। शुरू में पैरों की त्वचा सख्त और रूखी महसूस होती है, हल्की परतें उतरती हैं या बारीक दरारें दिखाई देती हैं। अगर समय पर केयर न की जाए तो इन दरारों से खून निकलना या चलने में दर्द होना भी आम बात है।

नमी बनाए रखना सबसे अहम

सर्दियों में पैरों की सेहत का सबसे बड़ा राज है – उचित मॉइस्चराइजिंग। यूरिया, ग्लिसरीन, शिया बटर या पेट्रोलियम जेली वाली गाढ़ी फुट क्रीम बेहद असरदार मानी जाती है। नहाने के बाद जब त्वचा हल्की गीली होती है, उसी समय क्रीम लगाने से नमी लंबे समय तक बंद रहती है। यह सरल सी आदत एड़ियों को फटने से रोक सकती है।

घर पर करें फुट-सोकिंग

अगर एड़ियां पहले से सूखी हैं, तो हल्के गुनगुने पानी में पैरों को दस- पंद्रह मिनट तक भिगोना बहुत उपयोगी रहता है। इससे त्वचा मुलायम होती है और डेड स्किन आसानी से हटाई जा सकती है। प्यूमिक स्टोन या फुट स्क्रबर से धीरे-धीरे रगड़ें, लेकिन ध्यान रखें कि जोर से रगड़ने से दरारें बढ़ सकती हैं।

हील बाम का जादू

साधारण क्रीम के मुकाबले हील बाम ज्यादा प्रभावी साबित होते हैं। इनमें रिपेयरिंग एजेंट्स और मॉइस्चर लॉक करने वाले तत्व होते हैं, जो त्वचा की गहराई तक जाकर पोषण देते हैं। इन्हें रात को सोने से पहले लगाना सबसे बेहतर रहता है। मोजे पहनकर सोने से असर और बढ़ जाता है तथा सुबह एड़ियां नरम दिखती हैं।

सूती मोजे क्यों जरूरी हैं

कई लोग क्रीम लगाने के बाद मोजे पहनना भूल जाते हैं, मगर यह एक बहुत कारगर उपाय है। सूती मोजे नमी को बंद रखते हैं, धूल से सुरक्षा देते हैं और एड़ियों पर रगड़ कम करते हैं। रोज़ाना इस आदत को अपनाने से कुछ ही दिनों में फर्क महसूस होने लगता है।

सही फुटवियर का चुनाव

एड़ियों का स्वास्थ्य सिर्फ क्रीम पर नहीं, बल्कि जूतों पर भी निर्भर करता है। सर्दियों में बंद और सांस लेने वाले जूते चुनें ताकि ठंडी हवा सीधे पैरों तक न पहुंचे। बहुत सख्त या पतले तलवों वाले जूते एड़ियों पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे दरारें गहरी हो सकती हैं।

कब लें डॉक्टर की मदद

यदि एड़ियों में दरारें बहुत गहरी हो चुकी हैं, चलने में दर्द है या संक्रमण जैसा महसूस हो रहा है, तो घरेलू इलाज काफी नहीं रहता। ऐसे मामलों में त्वचा विशेषज्ञ या फुट-केयर एक्सपर्ट से सलाह लेना जरूरी है। उचित इलाज से न केवल दर्द से राहत मिलेगी, बल्कि भविष्य में दोबारा समस्या होने से भी बचाव होगा।

खूबसूरत एड़ियों के लिए रोज़ की आदतें

फटी एड़ियों से बचने के लिए कोई बड़ा खर्च नहीं, बस कुछ छोटी-छोटी आदतें जरूरी हैं – रोज़ रात को पैरों को साफ कर मॉइस्चराइज़र लगाना, हफ्ते में एक बार फुट-सोकिंग करना और सर्दियों में बंद जूते पहनना। थोड़ी सी नियमित देखभाल से पैरों की त्वचा हमेशा नरम, साफ और सुंदर बनी रह सकती है।

Author
Divya

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