
भारत सरकार जल्द ही लाखों कर्मचारियों के लिए एक बड़ा तोहफा देने जा रही है। अब Provident Fund (PF) निकालने की लंबी और झंझट भरी प्रक्रिया को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने एबीपी नेटवर्क के फ्लैगशिप इवेंट India 2047 Entrepreneurship Conclave में इसका ऐलान करते हुए बताया कि सरकार PF को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने जा रही है। इसके तहत कर्मचारी अपना पीएफ सीधे एटीएम और यूपीआई (UPI) के जरिए निकाल सकेंगे।
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अब आसान होगी पीएफ निकासी
आज की तारीख में पीएफ निकालना कई लोगों के लिए बहुत जटिल प्रक्रिया बन चुका है। कई बार कर्मचारी को PF निकालने के लिए ऑनलाइन फॉर्म, दस्तावेज़ और लंबा वेरिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना पड़ता है। लेकिन सरकार अब इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटली सिंपल और फास्ट बनाने पर जोर दे रही है। डॉ. मांडविया ने कहा, “कर्मचारियों की मेहनत की कमाई तक उनकी पहुंच आसान होनी चाहिए। इसलिए सरकार PF सिस्टम को UPI से जोड़ने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।”
नई प्रणाली के तहत कर्मचारियों के PF अकाउंट को उनके बैंक खाते, आधार और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से पहले ही लिंक किया जा चुका है। अब इसमें एक कदम और आगे बढ़ते हुए इसे डेबिट कार्ड और एटीएम नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इससे कर्मचारी अपने PF का पैसा 24×7 किसी भी समय निकाल सकेंगे ठीक वैसे ही जैसे आप अपने बैंक अकाउंट से कैश निकालते हैं।
75 फीसदी तक निकाल सकेंगे पैसा
सरकार चाहती है कि कर्मचारियों को अपनी अर्जित राशि तक तुरंत पहुंच मिले। इसलिए अब पीएफ बैलेंस का 75 फीसदी हिस्सा बिना किसी वजह के निकाला जा सकेगा। इसका मतलब है कि किसी इमरजेंसी या अचानक ज़रूरत के समय कर्मचारी को अब आवेदन और मंजूरी की लंबी लाइन का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा। डॉ. मांडविया ने कहा, “पहले PF निकालने के लिए लोगों को इतने फॉर्म भरने पड़ते थे कि कई कर्मचारी बीच में ही थक जाते थे। लेकिन अब हम प्रक्रिया को ऑटोमेटेड और डिजिटली इनेबल बना रहे हैं।”
क्यों रखा गया है 25% हिस्सा?
हालांकि, पूरी राशि निकालने की इजाज़त सरकार नहीं दे रही है। इसके पीछे एक समझदारी भरा कारण भी है। मंत्री ने बताया कि PF में 25 प्रतिशत हिस्सा इसलिए रखा जाएगा ताकि कर्मचारी की “नौकरी की निरंतरता” बनी रहे।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई कर्मचारी कुछ महीनों तक काम करने के बाद नौकरी छोड़ देता है और पूरा PF निकाल लेता है, तो उसकी service continuity टूट जाती है। लेकिन अगर खाते में थोड़ा बैलेंस बचा रहेगा तो भविष्य में जब वह नई नौकरी जॉइन करेगा, उसका अकाउंट वहीं से आगे बढ़ जाएगा। यह व्यवस्था कर्मचारियों को पेंशन बेनिफिट्स का हकदार बनाए रखेगी, क्योंकि इसके लिए लगातार 10 साल की सर्विस ज़रूरी होती है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से खत्म होगा झंझट
नई सुविधा लागू होने के बाद, PF निकासी के लिए अब किसी फिजिकल फॉर्म या दस्तावेज़ की जरूरत नहीं होगी। सरकार का लक्ष्य है कि हर कर्मचारी को PF की निकासी बिल्कुल कैशलेस और पेपरलेस मोड में मिले। इसके लिए सरकार ने EPFO और प्रमुख बैंकों से मिलकर PF सिस्टम को UPI नेटवर्क में जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। March 2026 से पहले ही यह पूरा सिस्टम चालू होने की उम्मीद है।
अब जब भी कर्मचारी को अपने PF से पैसा निकालना होगा, उसे डेबिट कार्ड स्वाइप करके एटीएम पर विकल्प चुनना होगा – ठीक वैसे ही जैसे वह “Saving” या “Current” अकाउंट का चयन करता है। इसके साथ ही UPI ऐप्स, जैसे कि PhonePe, Google Pay या Paytm पर भी PF ट्रांज़ैक्शन का नया सेक्शन जोड़ा जाएगा।
कर्मचारियों के लिए आने वाला है नया दौर
सरकार का यह कदम न सिर्फ कामकाजी वर्ग की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि PF प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाएगा। अब कोई कर्मचारी चाहे निजी कंपनी में हो या सरकारी संस्थान में वह अपने PF अकाउंट से जुड़ी पूरी जानकारी, बैलेंस और निकासी एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेगा। यह पहल भारत के डिजिटल इकोनॉमी की दिशा में एक और बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिलने के साथ ही देश के वित्तीय सिस्टम में इनोवेशन और ट्रस्ट दोनों बढ़ेंगे।
















