मृत्यु के बाद भी पहचान की चोरी का खतरा बना रहता है, क्योंकि सक्रिय दस्तावेजों का दुरुपयोग हो सकता है। परिवार को तुरंत PAN, आधार और वोटर आईडी रद्द करवानी चाहिए ताकि फर्जी लेन-देन या वोटिंग से बचा जा सके। यह सरल कदम डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रखते हैं।

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खतरे की सच्चाई
मृत व्यक्ति के दस्तावेज अगर निष्क्रिय न हों तो कोई उनका इस्तेमाल बैंक खाते खोलने, लोन लेने या सब्सिडी हड़पने के लिए कर सकता है। इससे परिवार को कानूनी झंझटों का सामना करना पड़ सकता है। समय रहते कार्रवाई से सभी जोखिम खत्म हो जाते हैं।
PAN को बंद करने का आसान रास्ता
कानूनी वारिस आयकर अधिकारी को पत्र लिखें, जिसमें मृतक का नाम, PAN नंबर, मृत्यु तारीख और कारण साफ बताएं। मृत्यु प्रमाण पत्र, PAN की कॉपी और अपना पहचान पत्र जोड़कर रजिस्टर्ड डाक से भेजें। प्रक्रिया पूरी होते ही PAN स्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाता है।
आधार निष्क्रिय करने की चाबी
मायआधार वेबसाइट पर लॉगिन करें और ‘मृतक सदस्य की जानकारी दर्ज करें’ चुनें। मृतक का आधार नंबर, मृत्यु प्रमाण संख्या अपलोड करें। UIDAI जांच के बाद जल्द ही इसे डीएक्टिवेट कर देता है, जिससे कोई बायोमेट्रिक दुरुपयोग न हो सके।
वोटर आईडी हटाने का सरल तरीका
चुनाव आयोग की वेबसाइट पर फॉर्म-7 भरें, मृत्यु कारण चुनकर प्रमाण पत्र जोड़ें। ऑनलाइन सबमिट करें या नजदीकी चुनाव कार्यालय में जमा करें। कुछ ही दिनों में नाम मतदाता सूची से गायब हो जाता है।
अतिरिक्त सुरक्षा उपाय
मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे पहला जरूरी कागज है, इसे तुरंत निकालें। सभी आवेदनों की रसीद संभालकर रखें और देरी होने पर स्थानीय कार्यालय से बात करें। इससे न केवल धोखाधड़ी रुकती है, बल्कि परिवार का भविष्य भी सुरक्षित रहता है।
















