
देशभर में बढ़ती महंगाई के बीच गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत भरी खबर है, भारत के विभिन्न राज्यों में ऐसी कई कैंटीन सेवाएं संचालित हैं, जहाँ मात्र ₹1 से ₹10 के बीच भरपेट और पौष्टिक भोजन मिलता है, 25 दिसंबर 2025 को दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर ‘अटल कैंटीन’ का भव्य शुभारंभ किया गया है।
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अटल कैंटीन (Atal Canteen), दिल्ली
दिल्ली सरकार ने हाल ही में राजधानी में 100 अटल कैंटीन शुरू करने की घोषणा की है, जिनमें से पहले चरण में 45 कैंटीन संचालित हो चुकी हैं।
- कीमत: मात्र ₹5 में पूरी थाली (दाल, चावल, रोटी, मौसमी सब्जी और अचार)।
- समय: लंच (सुबह 11:00 से दोपहर 4:00 बजे) और डिनर (शाम 6:30 से रात 9:30 बजे)
- प्रमुख स्थान: ये कैंटीन झुग्गी बस्तियों, निर्माण स्थलों और गरीब इलाकों में स्थित हैं। प्रमुख केंद्रों में आर.के. पुरम, जंगपुरा, शालीमार बाग, ग्रेटर कैलाश, राजौरी गार्डन, नरेला, बवाना, नेहरु नगर और लाजपत नगर (अपना बाजार के पास) शामिल हैं।
अम्मा कैंटीन (Amma Unavagam), तमिलनाडु
तमिलनाडु की यह योजना देशभर में सबसे सफल मॉडल मानी जाती है। यहाँ स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा भोजन तैयार किया जाता है।
- कीमत: ₹1 में इडली, ₹3 में दही-चावल और ₹5 में सांभर-चावल या पोंगल।
- प्रमुख स्थान: चेन्नई में ही लगभग 400 कैंटीनें सक्रिय हैं। ये मुख्य रूप से सरकारी अस्पतालों, बस स्टैंडों और नगर निगम कार्यालयों के पास स्थित हैं।
अटल किसान-मजदूर कैंटीन, हरियाणा
हरियाणा सरकार द्वारा अनाज मंडियों में श्रमिकों और किसानों के लिए यह विशेष सेवा शुरू की गई है।
- कीमत: ₹10 में थाली (चपाती, चावल, दाल और सब्जी)。
- प्रमुख स्थान: ये कैंटीनें हरियाणा की सभी मुख्य अनाज मंडियों (जैसे फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, और यमुनानगर) में सालभर खुली रहती है।
अन्य राज्यों की सस्ती भोजनालय योजनाएं
- आहार केंद्र (ओडिशा): यहाँ ₹5 में लंच और डिनर उपलब्ध है। राज्यभर में 160 से अधिक आउटलेट अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों के पास मौजूद है।
- इंदिरा रसोई/कैंटीन (राजस्थान और कर्नाटक): राजस्थान में ₹8 में और कर्नाटक में ₹5 से ₹10 के बीच पौष्टिक भोजन दिया जाता है।
- मां कैंटीन (पश्चिम बंगाल): यहाँ ₹5 में दाल-चावल और सब्जी की थाली मिलती है।
नोट: इन कैंटीनों में स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी (CCTV) निगरानी और डिजिटल टोकन सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
















