
हस्तरेखा शास्त्र (Palmistry) के अनुसार, मनुष्य की हथेली में छिपी रेखाएं उसके भविष्य और वैवाहिक जीवन के बारे में कई महत्वपूर्ण संकेत देती हैं, विशेषकर कनिष्ठा उंगली (सबसे छोटी उंगली) के नीचे और हृदय रेखा के ऊपर स्थित ‘विवाह रेखा’ व्यक्ति की शादी की उम्र और दांपत्य सुख का आईना मानी जाती है।
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कब होगी शादी? रेखा की स्थिति से समझें उम्र
हस्तरेखा विशेषज्ञों के अनुसार, विवाह रेखा की हृदय रेखा से दूरी यह तय करती है कि व्यक्ति का विवाह किस आयु में होगा:
- जल्दी विवाह (18-25 वर्ष): यदि विवाह रेखा हृदय रेखा के अत्यंत निकट है, तो जातक के विवाह के योग 20 से 25 वर्ष की कम उम्र में ही बन जाते हैं।
- मध्यम आयु (25-30 वर्ष): यदि यह रेखा हृदय रेखा और छोटी उंगली के आधार के ठीक बीचों-बीच स्थित है, तो शादी 25 से 30 वर्ष की आयु के आसपास होती है।
- विलंब से विवाह (30-35+ वर्ष): यदि विवाह रेखा छोटी उंगली के बहुत करीब है, तो यह 30 से 35 वर्ष की आयु के बाद देरी से विवाह का संकेत देती है।
कैसा रहेगा वैवाहिक जीवन?
विवाह रेखा की बनावट आपके दांपत्य जीवन की स्थिरता और खुशहाली को दर्शाती है:
- गहरी और स्पष्ट रेखा: एक लंबी, स्पष्ट और बिना किसी कट वाली रेखा सुखी और सफल वैवाहिक जीवन की परिचायक है।
- दो या अधिक रेखाएं: हथेली में एक से अधिक विवाह रेखाएं होने का मतलब केवल कई शादियां नहीं, बल्कि यह गहरे प्रेम संबंधों या आकर्षण को भी प्रकट करती हैं।
- नीचे की ओर झुकाव: यदि विवाह रेखा हृदय रेखा की तरफ झुक रही हो, तो यह जीवनसाथी के खराब स्वास्थ्य या वैचारिक मतभेदों की ओर इशारा करती है।
- शाखाएं और द्वीप (Island): रेखा के अंत में दो भागों में बंटना (V-शेप) पति-पत्नी के बीच अलगाव या वैचारिक टकराव का संकेत है, जबकि रेखा पर द्वीप का निशान धोखे या बाधाओं को दर्शाता है।
अन्य महत्वपूर्ण संकेत
- लव मैरिज के योग: यदि कनिष्ठा उंगली के नीचे की रेखा सीधी और लंबी हो, या बृहस्पति पर्वत पर ‘क्रॉस’ का निशान हो, तो प्रेम विवाह की प्रबल संभावना होती है।
- धनवान ससुराल: यदि चंद्र पर्वत से कोई रेखा निकलकर भाग्य रेखा से मिलती है, तो जातक का विवाह किसी संपन्न परिवार में होने के योग बनते हैं।
हस्तरेखा शास्त्र एक प्राचीन विद्या है, लेकिन जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय केवल रेखाओं के आधार पर नहीं लेने चाहिए, सटीक विश्लेषण के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी या हस्तरेखा विशेषज्ञ से संपर्क करना उचित रहता है।
















