
भारत के कई हिस्से अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सामरिक महत्व के कारण पर्यटकों की पहली पसंद हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश के कुछ इलाकों में प्रवेश के लिए केवल टिकट ही काफी नहीं है? इन सुरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों (Protected and Restricted Areas) में कदम रखने के लिए आपके पास आधिकारिक अनुमति होना अनिवार्य है, बिना वैध परमिट के इन क्षेत्रों में जाना कानूनी अपराध माना जाता है, जिसके लिए कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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इन राज्यों में प्रवेश के लिए जरूरी है ‘इनर लाइन परमिट’ (ILP)
भारतीय नागरिकों के लिए भी पूर्वोत्तर के इन राज्यों में प्रवेश करने के लिए राज्य सरकारों द्वारा जारी किया गया ILP अनिवार्य है:
- अरुणाचल प्रदेश: पूरे राज्य में प्रवेश के लिए चेक गेट्स पर यह परमिट दिखाना आवश्यक है।
- नागालैंड: राज्य के विभिन्न हिस्सों की यात्रा के लिए गैर-निवासियों को ILP लेना पड़ता है।
- मिजोरम: यहां पर्यटकों को आमतौर पर 15 दिनों का ‘अस्थायी ILP’ जारी किया जाता है।
- मणिपुर: स्वदेशी संस्कृति की रक्षा के लिए यहां भी ILP अनिवार्य किया गया है।
- लक्षद्वीप: अगत्ती सहित अन्य द्वीपों पर जाने के लिए लक्षद्वीप प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना जरूरी है।
विदेशी पर्यटकों के लिए ‘प्रतिबंधित क्षेत्र परमिट’ (PAP/RAP)
विदेशी नागरिकों (भूटान को छोड़कर) के लिए सीमावर्ती और सामरिक क्षेत्रों में जाने के नियम और भी कड़े हैं। उन्हें Protected Area Permit (PAP) या Restricted Area Permit (RAP) की आवश्यकता होती है:
- सिक्किम: राज्य के कुछ हिस्सों के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य है।
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: पूरे केंद्र शासित प्रदेश को प्रतिबंधित क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है।
- हिमाचल, उत्तराखंड और राजस्थान: इन राज्यों के अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे विशिष्ट क्षेत्रों (जैसे भारत-चीन या भारत-पाक सीमा) में जाने के लिए अनुमति की आवश्यकता होती है।
नियमों के उल्लंघन पर क्या है सजा?
बिना परमिट के इन इलाकों में पाए जाने पर विदेशी अधिनियम, 1946 (Foreigners Act, 1946) और अन्य स्थानीय कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:
- भारी जुर्माना और तत्काल क्षेत्र से निष्कासन।
- गंभीर मामलों में जेल की सजा का भी प्रावधान है।
- होटल और गेस्ट हाउस मालिकों के लिए यह अनिवार्य है कि वे केवल वैध परमिट वाले पर्यटकों को ही ठहराएं, अन्यथा उन पर भी कानूनी गाज गिर सकती है।
कैसे लें परमिट?
वर्ष 2025 में अधिकांश राज्यों ने परमिट प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है, पर्यटक संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट या केंद्र सरकार के e-FRRO पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, विशेषज्ञों की सलाह है कि यात्रा की योजना बनाने से कम से कम 15 से 30 दिन पहले आवेदन कर दें ताकि अंतिम समय में कोई परेशानी न हो।
















