
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के दौर में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सोने के भंडार (Gold Reserves) को बढ़ाना शुरु कर दिया है वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की साल 2025 की ताजा रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है, इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपने सोने के खजाने में भारी बढ़ोतरी करते हुए दुनिया के दिग्गज देशों को पीछे छोड़ दिया है।
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खजाने की रेस में भारत का दबदबा
कभी सोने की चिड़िया कहलाने वाला भारत एक बार फिर वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है, ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास अब लगभग 880.18 टन सोना जमा हो चुका है, इस बढ़ोतरी के साथ ही भारत अब दुनिया में सबसे ज्यादा स्वर्ण भंडार रखने वाले देशों की सूची में 8वें स्थान पर पहुंच गया है, विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जिस तेजी से अपनी होल्डिंग बढ़ा रहा है, वह आने वाले समय में और ऊपर जा सकता है।
दुनिया के टॉप 10 स्वर्ण भंडार वाले देश (2025 की रिपोर्ट)
सोने के भंडार के मामले में अमेरिका आज भी दुनिया का निर्विवाद राजा बना हुआ है। यहाँ देखें पूरी लिस्ट:
- अमेरिका: 8,133.5 टन (दुनिया में सर्वाधिक)
- जर्मनी: 3,350.3 टन
- इटली: 2,451.8 टन
- फ्रांस: 2,437.0 टन
- रूस: 2,329.6 टन
- चीन: 2,279.6 टन
- स्विट्जरलैंड: 1,040.0 टन
- भारत: 880.18 टन (जापान को पीछे छोड़ा)
- जापान: 846.0 टन
- नीदरलैंड: 612.5 टन
क्यों बढ़ रहा है भारत का सोना?
आर्थिक जानकारों के मुताबिक, आरबीआई अपनी विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में विविधता लाने और डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार सोने की खरीदारी कर रहा है, 2025 की शुरुआत से ही आरबीआई ने रणनीतिक रुप से अपने भंडार में इजाफा किया है।
हैरान कर देने वाला तथ्य
यह रिपोर्ट केवल केंद्रीय बैंकों के पास रखे सोने की है, यदि भारतीय घरों, तिजोरियों और मंदिरों में रखे सोने की गणना की जाए, तो यह आंकड़ा 24,000 टन से भी अधिक होने का अनुमान है, इस लिहाज से देखा जाए तो भारत का ‘असली खजाना’ किसी भी अन्य देश की तुलना में कहीं अधिक विशाल है।
सोने के इस बढ़ते भंडार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की साख को और मजबूत कर दिया है, जिससे देश किसी भी संभावित वैश्विक मंदी या आर्थिक संकट से निपटने के लिए पहले से अधिक तैयार है।
















