
भारत और पाकिस्तान के बीच दशकों पुराना तनाव एक बार फिर वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है, अमेरिका के प्रतिष्ठित थिंक टैंक ‘काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस’ (CFR) की नवीनतम रिपोर्ट ‘कन्फ्लिक्ट्स टू वॉच इन 2026’ ने एक चौंकाने वाला दावा किया है, रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2026 में दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच सशस्त्र संघर्ष (Armed Conflict) की “मध्यम संभावना” है, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
यह भी देखें: Farmer Subsidy Alert: ट्रैक्टर खरीदने पर ₹3 लाख तक की सब्सिडी, 15 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन का मौका
Table of Contents
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और तनाव के कारण
- कश्मीर मुद्दा: कश्मीर पर क्षेत्रीय विवाद दोनों देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख और निरंतर कारण रहा है।
- आतंकवाद: सीमा पार से होने वाले आतंकी हमले भारत और पाकिस्तान के संबंधों में कटुता लाते रहे हैं।
- सैन्य buildup: दोनों देशों द्वारा अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने से सीमा पर तनाव और अविश्वास बढ़ता है।
वर्तमान स्थिति
हालांकि सीमा पर बड़ी सैन्य झड़पें कम हुई हैं, लेकिन खुफिया रिपोर्टों और छिटपुट घटनाओं से चिंता बनी रहती है।
- घुसपैठ की कोशिशें: सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशों की खबरें आती रहती हैं।
- राजनयिक संबंध: दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध अक्सर तनावपूर्ण रहते हैं और बातचीत सीमित रही है।
- अंतरराष्ट्रीय चिंताएं: अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच किसी भी बड़े संघर्ष की संभावना को लेकर चिंतित रहता है।
यह भी देखें: Student Reward Scheme: जिला टॉपर छात्राओं के लिए मौका! ‘पद्माक्षी पुरस्कार’ हेतु 8 जनवरी तक करें आवेदन
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण एशिया में शांति की स्थिति नाजुक है और किसी भी अप्रत्याशित घटना से स्थिति बिगड़ सकती है, भारतीय सुरक्षा बल किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए सतर्क रहते हैं।
















