
भारत की विकास रफ्तार को नई गति देने में राष्ट्रीय राजमार्गों का सबसे बड़ा योगदान है, वर्तमान में भारत का सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग NH 44 (National Highway 44) है, इसे देश के हाईवे नेटवर्क की ‘रीढ़’ कहा जाता है क्योंकि यह उत्तर भारत को सीधे दक्षिण भारत से जोड़ता है।
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श्रीनगर से कन्याकुमारी का सफर
NH 44 उत्तर में जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से शुरु होता है और देश के अंतिम छोर तमिलनाडु के कन्याकुमारी पर समाप्त होता है, 2026 तक भारत के आधुनिक बुनियादी ढांचे में यह हाईवे सामरिक और आर्थिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण बना हुआ है।
NH 44 की प्रमुख विशेषताएं
- कुल लंबाई: इस राजमार्ग की कुल लंबाई लगभग 4,112 किलोमीटर है।
- पुराना नाम: इसे पहले NH 7 के नाम से जाना जाता था, लेकिन कई राजमार्गों के विलय के बाद इसका नाम NH 44 कर दिया गया।
- राज्यों की संख्या: यह हाईवे दिल्ली सहित देश के 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरता है। इसमें जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।
- उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर: यह नेशनल हाईवे डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (NHDP) के ‘उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर’ का सबसे प्रमुख हिस्सा है।
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इन सात राजमार्गों को मिलाकर बना NH 44
NH 44 का निर्माण सात पुराने राष्ट्रीय राजमार्गों के पूर्ण या आंशिक विलय से हुआ है, इनमें मुख्य रूप से NH 1A, NH 1, NH 2, NH 3, NH 75, NH 26 और पुराने NH 7 को शामिल किया गया है।
देश के आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स को सुगम बनाने के लिए आप अधिक जानकारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं, पर्यटन और सुगम यात्रा के लिहाज से NH 44 आज करोड़ों भारतीयों के लिए जीवन रेखा बना हुआ है।
















