
पूर्वी उत्तर प्रदेश को हरियाणा के औद्योगिक केंद्र पानीपत से जोड़ने वाली महत्वकांक्षी पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे परियोजना में एक बड़ा बदलाव किया गया है, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब इस एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से आगे बढ़ाकर कुशीनगर तक ले जाने का निर्णय लिया है इस विस्तार के साथ, यह परियोजना उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कुल 22 जिलों को सीधे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, जिससे इन क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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मुख्य विवरण
- कुल लंबाई: लगभग 750 किलोमीटर।
- लेन: 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड (8 लेन तक विस्तार योग्य)।
- स्थिति: तीसरा और अंतिम एलाइनमेंट सर्वे पूरा हो चुका है, और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
- समय-सीमा: निर्माण कार्य 2026 में शुरू होने की उम्मीद है, और परियोजना 2029-2030 तक पूरी हो सकती है।
नया रुट मैप: इन 22 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे दोनों राज्यों के महत्वपूर्ण ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।
- उत्तर प्रदेश के जिले: कुशीनगर, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूँ, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, और शामली।
- हरियाणा का जिला: पानीपत।
परियोजना का महत्व
इस एक्सप्रेसवे के पूरा होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश और हरियाणा/दिल्ली-एनसीआर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा, वर्तमान में लगने वाले 12-15 घंटे के मुकाबले, यात्रा का समय घटकर लगभग 7-8 घंटे रहने का अनुमान है।
यह परियोजना न केवल यात्रा को सुगम बनाएगी बल्कि औद्योगिक निवेश को भी आकर्षित करेगी, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। NHAI ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण अधिसूचनाएं संबंधित जिला प्रशासनों को भेज दी हैं, और कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
















