
भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने नए साल के अवसर पर करोड़ों रेल यात्रियों को एक बड़ी सौगात दी है। अक्सर त्योहारों या शादियों के सीजन में टिकट बुकिंग शुरू होते ही ‘Housefull’ का बोर्ड देख लेने वाले आम यात्रियों के लिए अब राहत की खबर है। IRCTC ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने और Transparency (पारदर्शिता) बढ़ाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यानी 5 जनवरी से रेलवे का नया ‘8 घंटे वाला नियम’ लागू हो गया है।
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क्या है रेलवे का नया मास्टरप्लान?
रेलवे द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, अब ट्रेन टिकट बुकिंग (Train Ticket Booking) का खेल मिनटों में खत्म नहीं होगा। रेलवे ने Aadhar Linkage को अनिवार्य और प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का फैसला किया है। इस नए नियम का मुख्य उद्देश्य उन ‘एजेंट्स’ और ‘दलालों’ पर लगाम कसना है जो अवैध सॉफ्टवेयर (Software) का उपयोग करके आम जनता के हिस्से की सीटें हथिया लेते थे।
तीन चरणों में लागू हो रहा है नियम
IRCTC ने इस पूरी प्रक्रिया को तीन अलग-अलग चरणों में विभाजित किया है, ताकि सिस्टम पर लोड न बढ़े और यात्री धीरे-धीरे इस बदलाव के अभ्यस्त हो सकें:
- प्रथम चरण (29 दिसंबर 2025): इस दिन से केवल वही यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक कर पा रहे थे, जिनका अकाउंट आधार से लिंक था।
- द्वितीय चरण (5 जनवरी 2026): आज से इस समय सीमा को बढ़ा दिया गया है। अब आधार-लिंक्ड यूजर्स सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक (लगातार 8 घंटे) विशेष एक्सेस पाएंगे।
- तृतीय चरण (12 जनवरी 2026): इस चरण में सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक केवल आधार-वेरिफाइड यूजर्स ही ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे।
60 दिन वाला ‘विंडो’ नियम और आधार की अनिवार्यता
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह नियम Advance Reservation Period (ARP) यानी 60 दिन पहले खुलने वाली बुकिंग के पहले दिन लागू होगा। उदाहरण के लिए, यदि आप आज से 60 दिन बाद की किसी यात्रा के लिए टिकट बुक करना चाहते हैं, तो पहले 8 घंटों तक केवल Aadhar-Verified यात्री ही लॉगिन और बुकिंग कर पाएंगे। इस दौरान कमर्शियल एजेंटों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
OTP आधारित सुरक्षा (OTP-based Security)
अब टिकट बुकिंग केवल आईडी पासवर्ड से नहीं होगी। सुरक्षा को High-tech बनाने के लिए रेलवे ने OTP (One Time Password) की व्यवस्था की है। जैसे ही आप टिकट बुक करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे, आपके आधार के साथ पंजीकृत (Registered) मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को सबमिट करने के बाद ही आपका ट्रांजेक्शन (Transaction) पूरा होगा। इससे फर्जी आईडी बनाकर टिकट बुक करने वाले गिरोहों पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी।
आम आदमी को क्या होगा फायदा?
अक्सर होली, दिवाली या छठ जैसे बड़े त्योहारों पर आम आदमी को General Quota में कंफर्म टिकट (Confirmed Ticket) मिलना नामुमकिन हो जाता था। दलाल और पेशेवर बुकिंग करने वाले लोग एडवांस सॉफ्टवेयर का उपयोग कर सेकंडों में सैकड़ों टिकट बुक कर लेते थे।
- नो मोर दलाली: एजेंट अब शुरुआती घंटों में बुकिंग नहीं कर पाएंगे।
- फटाफट बुकिंग: आधार लिंक होने से यात्रियों का डेटा पहले से वेरिफाइड होगा, जिससे प्रक्रिया तेज होगी।
- फेयर चांस (Fair Chance): आम यात्री को अब 8 घंटे का एक सुरक्षित ‘विंडो’ मिलेगा, जिसमें वह बिना किसी होड़ के अपनी सीट पक्की कर सकेगा।
कैसे लिंक करें अपना आधार
अगर आपने अभी तक अपना IRCTC अकाउंट आधार से लिंक नहीं किया है, तो आप इन स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं:
- IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर लॉग-इन करें।
- ‘My Account’ सेक्शन में जाकर ‘Link Your Aadhaar’ पर क्लिक करें।
- अपना आधार नंबर और नाम दर्ज करें।
- रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी को दर्ज कर Verification प्रक्रिया पूरी करें।
रेलवे का यह कदम न केवल डिजिटल इंडिया (Digital India) को बढ़ावा देता है, बल्कि यात्रा को सुलभ और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा निवेश है।
















