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Reservation Big Verdict: कोटे का लाभ लिया तो सामान्य सीट पर हक खत्म! आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जानें क्या बदलेगा

देश की सर्वोच्च अदालत ने आरक्षण की व्यवस्था और सामान्य सीटों के आवंटन को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर विराम लगा दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का कोई मेधावी उम्मीदवार सामान्य श्रेणी (General Category) के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है

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Reservation Big Verdict: कोटे का लाभ लिया तो सामान्य सीट पर हक खत्म! आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जानें क्या बदलेगा
Reservation Big Verdict: कोटे का लाभ लिया तो सामान्य सीट पर हक खत्म! आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, जानें क्या बदलेगा

देश की सर्वोच्च अदालत ने आरक्षण की व्यवस्था और सामान्य सीटों के आवंटन को लेकर चल रहे लंबे विवाद पर विराम लगा दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में स्पष्ट किया है कि यदि अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) या आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) का कोई मेधावी उम्मीदवार सामान्य श्रेणी (General Category) के कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करता है, तो उसे ‘ओपन’ श्रेणी की सीट पाने से नहीं रोका जा सकता। 

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‘ओपन’ श्रेणी किसी की निजी जागीर नहीं 

न्यायालय ने राजस्थान हाई कोर्ट के एक फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि ‘ओपन श्रेणी’ का अर्थ वास्तव में ‘ओपन’ है, यह किसी विशेष जाति या वर्ग के लिए आरक्षित क्लोज्ड कम्पार्टमेंट नहीं है। अदालत ने जोर देकर कहा कि यदि मेधावी आरक्षित उम्मीदवारों को केवल इसलिए सामान्य सीटों से बाहर रखा जाता है क्योंकि वे आरक्षित वर्ग से आते हैं, तो यह संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 के तहत मिलने वाले समानता के अधिकार का सीधा उल्लंघन होगा। 

‘डबल बेनिफिट’ का तर्क खारिज

सुनवाई के दौरान राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन की ओर से दलील दी गई थी कि आरक्षित वर्ग के छात्र को सामान्य सीट देना उसे ‘दोहरा लाभ’ (Double Benefit) देने जैसा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बिना किसी विशेष रियायत (जैसे आयु सीमा या शुल्क में छूट) के केवल अंकों के आधार पर चयन पाना कोई आरक्षण का लाभ नहीं है, बल्कि उम्मीदवार की अपनी योग्यता है। 

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भर्ती प्रक्रिया में क्या बड़ा बदलाव आएगा?

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भविष्य की सभी सरकारी भर्तियों में चयन प्रक्रिया बदल जाएगी:

  • भर्ती संस्थाओं को निर्देश दिया गया है कि वे सबसे पहले ‘ओपन मेरिट लिस्ट’ तैयार करें, जिसमें टॉप अंक पाने वाले सभी उम्मीदवारों (चाहे वे किसी भी वर्ग के हों) को शामिल किया जाए。
  • मेधावी आरक्षित उम्मीदवारों को भर्ती के शुरुआती चरण (जैसे प्रिलिम्स या स्क्रीनिंग) से ही ओपन कैटेगरी का हिस्सा माना जाएगा, न कि केवल अंतिम चरण में।
  •  यदि किसी उम्मीदवार ने चयन प्रक्रिया के दौरान आरक्षण संबंधी किसी भी विशेष रियायत (Relaxation) जैसे आयु सीमा में छूट या अतिरिक्त प्रयासों का लाभ लिया है, तो उसे अनारक्षित (General) सीट के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। 

ऐतिहासिक संदर्भ

पीठ ने अपने फैसले में 1992 के प्रसिद्ध इंद्रा साहनी मामले और 2021 के सौरव यादव मामले का उल्लेख करते हुए दोहराया कि योग्यता को जाति के बंधनों में नहीं बांधा जा सकता, विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्पष्टीकरण से भर्ती परीक्षाओं में होने वाली कानूनी पेचीदगियां कम होंगी और मेधावी छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे। 

Reservation Big Verdict
Author
Divya

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