
महाराष्ट्र में जनवरी के मध्य में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश (Public Holiday) घोषित किया गया है। यह छुट्टी किसी पर्व या धार्मिक अवसर के कारण नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया (Democratic Process) से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने ऐलान किया है कि 15 जनवरी 2026, गुरुवार को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) में मतदान होने के कारण संबंधित क्षेत्रों में अवकाश रहेगा।
इस दौरान न सिर्फ राज्य सरकार के कार्यालय, बल्कि केंद्र सरकार (Central Government Offices) के दफ्तर, बैंक (Banks), सार्वजनिक उपक्रम (Public Sector Undertakings), निगम और बोर्ड भी बंद रहेंगे। यह अवकाश केवल उन्हीं नगर निकाय क्षेत्रों में लागू होगा, जहां मतदान की प्रक्रिया आयोजित की जा रही है।
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राज्य निर्वाचन आयोग का बड़ा फैसला
मतदान वाले क्षेत्रों में सभी सरकारी और अर्ध-सरकारी कार्यालय बंद
राज्य निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि जिन क्षेत्रों में नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा, वहां के सरकारी और अर्ध-सरकारी दफ्तरों (Government and Semi-Government Offices) को बंद रखने का आदेश दिया गया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं को बिना किसी बाधा के मतदान का अवसर देना और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाना है।
आयोग ने स्पष्ट किया कि इस अवकाश का लाभ सभी कर्मचारियों और नागरिकों को मिलेगा, ताकि वे मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार (Constitutional Right to Vote) का प्रयोग कर सकें।
ईवीएम से लेकर स्टाफ तक, तैयारियां पूरी
निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से की अपील
राज्य निर्वाचन आयोग ने बताया कि ईवीएम (Electronic Voting Machine – EVM) की व्यवस्था समेत चुनाव से जुड़ी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा, बिजली आपूर्ति, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित किया गया है।
आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में मतदान करें और लोकतंत्र (Democracy) को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।
चुनाव कर्मियों को लेकर सख्त निर्देश
ट्रेनिंग में गैरहाजिरी पर होगी कार्रवाई
एक अलग आदेश में राज्य निर्वाचन आयुक्त दिनेश वाघमारे ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मतदान और मतगणना (Counting) के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारियों को समय पर आवश्यक प्रशिक्षण (Training) पूरा करना अनिवार्य है। प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी।
ये निर्देश 6 और 7 जनवरी को आयोजित चुनाव समीक्षा बैठकों के दौरान जारी किए गए।
समीक्षा बैठकों में कौन-कौन रहा मौजूद
प्रशासन और पुलिस के शीर्ष अधिकारी हुए शामिल
इन अहम बैठकों में आयोग के सचिव सुरेश काकाणी, पुलिस महानिरीक्षक मनोजकुमार शर्मा, सभी 29 महानगरपालिकाओं के आयुक्त, संबंधित शहरों के पुलिस आयुक्त (Police Commissioners) और जिला पुलिस अधीक्षक (SPs) मौजूद रहे।
बैठकों में मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।
इन 29 महानगरपालिकाओं में होगा मतदान
मुंबई से नागपुर तक लोकतंत्र की परीक्षा
15 जनवरी को जिन 29 महानगरपालिकाओं में मतदान होना है, उनकी सूची इस प्रकार है:
मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, उल्हासनगर, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, मीरा-भायंदर, वसई-विरार, पनवेल, नासिक, मालेगाव, अहिल्यानगर, जलगाव, धुले, पुणे, पिंपरी-चिंचवड, सोलापुर, कोल्हापुर, इचलकरंजी, सांगली-मिराज-कुपवाड, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़-वाघाला, परभणी, जालना, लातूर, अमरावती, अकोला, नागपुर और चंद्रपुर।
इन सभी शहरों में नगर निकाय चुनाव को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज कर दी गई हैं।
मतदान केंद्रों पर सुविधाओं पर विशेष जोर
बिजली, पानी और शौचालय अनिवार्य
निर्वाचन आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मतदान केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति, पेयजल और शौचालय की सुविधा हर हाल में उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही मतदान कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाओं की पूर्व जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचा जा सके।
















