
उत्तराखंड की बेटियों के लिए एक बेहतरीन तोहफा है नंदा गौरा योजना। सोचिए, जब आपकी बेटी 12वीं पास करके कॉलेज की सीढ़ियां चढ़ने वाली हो, तो सरकार सीधे ₹51,000 की मदद थमा दे। ये योजना उत्तराखंड सरकार ने अपनी देवी नंदा गौरा से प्रेरणा लेकर चलाई है, ताकि गरीब परिवारों की लड़कियां बिना पैसे की टेंशन के आगे बढ़ सकें। आज हम इसकी सारी डिटेल्स ऐसे बताएंगे जैसे घर बैठे किसी दोस्त से बात हो रही हो – बिल्कुल आसान भाषा में।
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योजना का पूरा खाका समझिए
ये योजना खासतौर पर उन छात्राओं के लिए है जो 12वीं पास कर चुकी हैं और उच्च शिक्षा की राह पर हैं। कुल मिलाकर ₹62,000 की मदद मिलती है – इसमें जन्म के समय ₹11,000 और 12वीं के बाद ₹51,000 शामिल हैं। लेकिन ध्यान रखें, ये एकमुश्त नहीं है; जन्म से ही शुरू हो जाती है। अगर आपकी बेटी अभी छोटी है, तो अभी से प्लानिंग शुरू कर दीजिए। उत्तराखंड सरकार का मकसद साफ है – लड़कियों को पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। हजारों परिवारों ने इसका फायदा उठाया है, और आप क्यों पीछे रहें?
2025-26 के लिए महत्वपूर्ण तारीखें नोट कर लीजिए
समय पर आवेदन न करने से मौका हाथ से निकल जाता है, इसलिए ये डेट्स दिमाग में बिठा लीजिए। 2025 में 12वीं पास करने वाली लड़कियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की आखिरी तारीख बढ़ाकर 4 जनवरी 2026 कर दी गई। नए रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन 20 दिसंबर 2025 थी, और अगर फॉर्म में गलती हो गई तो सुधार का मौका 31 दिसंबर 2025 तक मिला। अभी जनवरी 2026 चल रहा है, तो चेक कर लीजिए कि आवेदन हो गया या नहीं। देरी न करें, पोर्टल पर चेक करते रहें – सरकार ने इसे आसान बनाने के लिए एक्सटेंशन भी दिया था।
कौन ले सकता है लाभ?
हर कोई नहीं, कुछ शर्तें पूरी करनी पड़ेंगी। सबसे पहले, लड़की उत्तराखंड की हमेशा की रहने वाली होनी चाहिए – यानी परमानेंट रेसिडेंट। परिवार की सालाना कमाई ₹72,000 से ज्यादा न हो, जो महीने के ₹6,000 के बराबर है। शादीशुदा लड़कियां बाहर, सिर्फ अविवाहित ही अप्लाई कर सकती हैं। 12वीं उत्तराखंड बोर्ड, CBSE, ICSE या किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से पास होनी चाहिए। सबसे अहम – एक परिवार से सिर्फ दो बेटियों को ही ये लाभ मिलेगा। अगर तीन हैं, तो सोच-समझकर चुनें। ये नियम इसलिए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक मदद पहुंचे।
आवेदन कैसे करें?
ऑनलाइन ही सब कुछ होता है, ऑफलाइन वाला झंझट नहीं। आधिकारिक वेबसाइट www.nandagaurauk.in पर जाइए, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें। वो साल ही अप्लाई करना है जिसमें 12वीं पास हुई हो, पुराना नहीं चलेगा। दस्तावेज तैयार रखें: 12वीं की मार्कशीट, परमानेंट रेसिडेंस सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, आधार कार्ड, बैंक अकाउंट डिटेल्स (आधार से लिंक्ड हो), और अविवाहित होने का एफिडेविट।
फोटो भी अपलोड करनी पड़ती है। सब अपलोड करने के बाद सबमिट करें, ट्रैकिंग आईडी मिलेगी। अगर दिक्कत हो तो हेल्पलाइन पर कॉल कर लीजिए – वो गाइड कर देंगे।
जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट चेक करें
- 12वीं पास मार्कशीट (ओरिजिनल स्कैन)
- उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाण पत्र
- परिवार के आय प्रमाण पत्र (तहसील से)
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक
- अविवाहित होने का शपथ पत्र (नोटरी से)
- पासपोर्ट साइज फोटो
ये सब सॉफ्ट कॉपी में रखें, PDF फॉर्मेट में अपलोड होता है। एक बार अप्रूव हो गया तो पैसे डायरेक्ट बैंक में आ जाते हैं।
योजना से जुड़े खास टिप्स और सावधानियां
ये सिर्फ पैसे की बात नहीं, बेटी का भविष्य है। अगर मिस कर गए तो अगले साल का इंतजार। परिवार की इनकम सही बताएं, फर्जीवाड़ा पकड़ा गया तो लाभ कैंसल। बैंक अकाउंट लड़की के नाम पर हो, माता-पिता का नहीं। पोर्टल पर रेगुलर चेक करें अपडेट्स के लिए। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में पढ़ाई का खर्चा ज्यादा होता है, ये योजना राहत देती है। कई लड़कियां इंजीनियरिंग, मेडिकल जैसी लाइन में गईं इसी मदद से। आप भी ट्राई करें!
















