
आज भी गांव-शहर में जाति का चक्कर शादियों को तोड़ देता है। परिवार वाले ‘हमारी जाति में ही ब्याह लो’ कहकर दुखी कर देते। लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने कमाल कर दिया इंटर-कास्ट मैरिज पर लाखों की इनकमिंग! अगर प्यार में जाति की दीवार तोड़ी, तो 3 लाख कैश मिलेगा। आइए जानें, ये स्कीम क्या बला है, कौन पा सकता है।
Table of Contents
स्कीम क्या है, कितने पैसे मिलेंगे?
ये ‘इंसेंटिव फॉर इंटर-कास्ट मैरिज’ नाम की योजना है। मकसद साफ – जात-पात भूलो, समाज एक हो। अगर दूल्हा-दुल्हन में से एक SC, ST, VJ, NT या SBC कैटेगरी से है, तो बधाई! कुल 3 लाख रुपये मिलेंगे – 50 हजार राज्य सरकार से, 2.50 लाख डॉ. आंबेडकर फाउंडेशन से। सीधे जॉइंट अकाउंट में। सोचो, शादी के बाद हनीमून या घर सेटअप के लिए परफेक्ट!
कौन ले सकता है ये धांसू फायदा?
सिर्फ महाराष्ट्र के रहने वाले कपल्स। दोनों की शादी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 या स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 से रजिस्टर्ड हो। दूल्हा 21+, दुल्हन 18+। पहली शादी होनी चाहिए। एक पार्टनर रिजर्व्ड कैटेगरी से। मेरी एक सहेली ने किया – SC-ST मैरिज, 3 लाख मिले। बोली, “परिवार माने या न माने, सरकार ने बैकिंग दी!”
जरूरी कागजात
- आधार कार्ड दोनों का
- जाति सर्टिफिकेट (रिजर्व्ड वाले का)
- उम्र प्रूफ (जन्म प्रमाण या 10वीं मार्कशीट)
- मैरिज रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट
- बैंक पासबुक कॉपी (जॉइंट अकाउंट)
- पासपोर्ट फोटो और मोबाइल नंबर
ये सब स्कैन करके रखो। एक भी मिसिंग तो रिजेक्ट!
आवेदन कैसे करें? आसान 2 स्टेप
ऑनलाइन: सामाजिक न्याय विभाग की वेबसाइट पर लॉगिन करो, इंटर-कास्ट स्कीम चुनो, फॉर्म भरकर अपलोड। 15 दिन में अप्रूवल। ऑफलाइन: जिला समाज कल्याण ऑफिस से फॉर्म लो, डॉक्स जमा। SMS से अपडेट मिलेगा। देरी मत करो, शादी के 3 साल के अंदर अप्लाई। सरकारी पोर्टल dbamf.maharashtra.gov.in चेक करो।
क्यों जॉइन करें ये स्कीम?
ये सिर्फ पैसे नहीं, समाज बदलने का मौका। जाति की जंजीरें तोड़ो, नई शुरुआत करो। आर्थिक मदद से घर बसाओ, बच्चों को बेस्ट दो। महाराष्ट्र में हजारों कपल्स ने लिया फायदा। लेकिन पूरे देश में फैलो – यूपी, बिहार वाले नोटिस लो। प्यार जीतेगा, पैसा भी आएगा!
















