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यूपी के इस जिले में 17 हजार से ज्यादा लोगों का मुफ्त राशन कट सकता है, कारण जानिए

अगर आप भी मुफ्त राशन योजना का लाभ लेते हैं तो यह खबर बेहद जरूरी है। यूपी के इस जिले में हजारों लोगों का नाम राशन सूची से हट सकता है। वजह जानकर आप अभी सतर्क हो जाएंगे।

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यूपी के इस जिले में 17 हजार से ज्यादा लोगों का मुफ्त राशन कट सकता है, कारण जानिए
यूपी के इस जिले में 17 हजार से ज्यादा लोगों का मुफ्त राशन कट सकता है, कारण जानिए

जनपद संभल में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-NFSA के तहत निश्शुल्क खाद्यान्न वितरण को लेकर बड़ा और अहम अपडेट सामने आया है। जिन राशन कार्ड धारकों या उनके यूनिट सदस्यों ने अभी तक आधार कार्ड से ई-केवाईसी-eKYC नहीं कराई है, उन्हें अगले महीने से मुफ्त राशन-Free Ration नहीं दिया जाएगा। इस फैसले से जिले के 17 हजार से अधिक लाभार्थी प्रभावित हो सकते हैं।

खाद्य एवं रसद विभाग ने साफ कर दिया है कि ई-केवाईसी के बिना किसी भी स्थिति में खाद्यान्न वितरण नहीं होगा, और इस संबंध में की गई शिकायतों पर भी कोई राहत नहीं दी जाएगी।

15 लाख से अधिक लाभार्थी, फिर भी 17,624 की ई-केवाईसी लंबित

खाद्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, संभल जनपद में पात्र गृहस्थी (PHH) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के अंतर्गत कुल 15,32,482 लाभार्थी पंजीकृत हैं।

इनमें से

  • 15,14,858 लाभार्थियों ने अपने आधार के साथ ई-केवाईसी पूरी करा ली है
  • जबकि 17,624 लाभार्थी अब भी ई-केवाईसी से वंचित हैं

यदि इन लाभार्थियों ने तय समयसीमा के भीतर सत्यापन नहीं कराया, तो अगले माह से उनका राशन वितरण रोक दिया जाएगा

नए राशन कार्ड और नए यूनिट सदस्यों की ई-केवाईसी सबसे ज्यादा लंबित

विभाग के अनुसार, पुराने राशन कार्ड धारकों ने अधिकांश रूप से अपने संबंधित राशन कोटेदार (Fair Price Shop) के यहां जाकर ई-केवाईसी पूरी कर ली है। समस्या मुख्य रूप से नए राशन कार्ड और पुराने कार्डों में जोड़े गए नए यूनिट सदस्यों को लेकर सामने आ रही है।

आंकड़ों के मुताबिक—

  • जनवरी 2025 में जारी नए राशन कार्ड: 1,555
  • दिसंबर 2025 में जारी नए राशन कार्ड: 4,800
  • पुराने कार्डों में जुड़े नए यूनिट सदस्य: लगभग 10,000

इन सभी मामलों में ई-केवाईसी लंबित होने के कारण खाद्यान्न वितरण में बाधा उत्पन्न हो रही है।

पारदर्शिता के लिए अनिवार्य है ई-केवाईसी-eKYC

खाद्य विभाग का कहना है कि ई-केवाईसी प्रक्रिया का उद्देश्य फर्जी राशन कार्ड, डुप्लीकेट यूनिट, और अपात्र लाभार्थियों को सिस्टम से बाहर करना है, ताकि सरकारी योजनाओं-Government Schemes का लाभ केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।

ई-केवाईसी के तहत लाभार्थियों को अपने आधार कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन कराना होता है, जो नजदीकी कोटेदार के यहां आसानी से कराया जा सकता है।

शिकायत करने से नहीं बदलेगा फैसला

इस पूरे मामले में जिला पूर्ति अधिकारी शिवि गर्ग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ई-केवाईसी के बिना किसी भी स्तर पर शिकायत करने से कोई समाधान नहीं निकलेगा।

उन्होंने कहा—

“जिन राशन कार्ड धारकों या उनके यूनिट सदस्यों ने संबंधित कोटेदार के यहां जाकर आधार के साथ ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें अगले महीने से खाद्यान्न नहीं मिलेगा। खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है और सभी लाभार्थियों को यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।”

समय रहते ई-केवाईसी कराने की अपील

खाद्य विभाग ने सभी लाभार्थियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराएं, ताकि उन्हें मुफ्त राशन योजना-Free Ration Scheme का लाभ बिना किसी रुकावट के मिलता रहे।

विशेष रूप से वे लोग जिन्होंने हाल ही में नया राशन कार्ड बनवाया है या जिनके परिवार में नए सदस्य जुड़े हैं, उन्हें तुरंत अपने कोटेदार से संपर्क करने की सलाह दी गई है।

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Author
Divya

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