
नए साल के साथ ही रसोई के बजट को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है, जहां एक ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच कमर्शियल LPG की कीमतों में ₹111 का उछाल आया है, वहीं पाइपलाइन से आने वाली रसोई गैस (PNG) आम आदमी के लिए ‘मनी सेवर’ बनकर उभरी है। सरकार की नई गैस नीतियों और पाइपलाइन टैरिफ में सुधार के बाद अब रसोई का खर्च काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
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PNG ने मारी बाजी: खर्च में 25% तक की कटौती
साल 2026 की शुरुआत में लागू हुए ‘यूनिफाइड टैरिफ’ मॉडल ने PNG की कीमतों को काफी आकर्षक बना दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) के नए नियमों के तहत, पाइपलाइन गैस के परिवहन शुल्क में कटौती की गई है। आंकड़ों के अनुसार, एक सामान्य परिवार को LPG सिलेंडर की तुलना में PNG का उपयोग करने पर मासिक खर्च में 20 से 25 प्रतिशत तक की सीधी बचत हो रही है।
क्यों PNG है LPG से बेहतर?
न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में PNG के प्रति बढ़ते रुझान के तीन मुख्य कारण हैं:
- LPG में आपको पूरे सिलेंडर का पैसा एडवांस में देना होता है, जबकि PNG में आप ‘पे-एज-यू-यूज़’ (जितना इस्तेमाल, उतना पैसा) मॉडल पर चलते हैं।
- प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी के साथ सिलेंडर सस्ता जरूर पड़ रहा है, लेकिन सामान्य ग्राहकों के लिए PNG ही सबसे किफायती विकल्प है।
- न सिलेंडर बुक करने की टेंशन और न ही गैस खत्म होने का डर। यह 24 घंटे निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करता है।
एक्सपर्ट की राय
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र सरकार की ‘वन नेशन, वन ग्रिड’ नीति के चलते आने वाले महीनों में PNG का नेटवर्क और विस्तार पकड़ेगा, यदि आप अपने शहर में उपलब्ध गैस प्रदाताओं की ताजा दरों की जांच करना चाहते हैं, तो आप Indraprastha Gas Limited (IGL) या Mahanagar Gas (MGL) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र का नया रेट कार्ड चेक कर सकते हैं।
अगर आपके इलाके में पाइपलाइन की सुविधा है, तो 2026 के आंकड़ों के मुताबिक PNG पर शिफ्ट होना आपके बैंक बैलेंस के लिए एक समझदारी भरा फैसला साबित हो सकता है।
















