
आधार-Aadhaar अब भारत में पहचान का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। चाहे आप बैंक में नया अकाउंट खोल रहे हों, नया मोबाइल सिम- SIM ले रहे हों, स्कूल में एडमिशन ले रहे हों या किसी कंपनी में जॉइन कर रहे हों, हर जगह आपका 12 अंकों वाला आधार नंबर मांगा जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कहीं आपका आधार-Aadhaar नंबर गलत तरीके से तो इस्तेमाल नहीं हो रहा?
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आधार-Aadhaar: सुविधा भी, जोखिम भी
आधार-Aadhaar आपके लिए कई सुविधाएँ लेकर आता है। बैंकिंग- Banking, डिजिटल ट्रांजैक्शन, रिन्यूएबल एनर्जी-Renewable Energy सब्सिडी, सरकारी योजनाओं की आसान पहुँच आदि के लिए यह अनिवार्य है। लेकिन इसकी बढ़ती जरूरत के साथ ही स्कैम- Scam और धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ गए हैं। कई बार ठग और स्कैमर्स आपके आधार-Aadhaar का इस्तेमाल कर बिना आपकी जानकारी के फायदे उठाते हैं।
UIDAI की ऑनलाइन सुविधा
आधार-Aadhaar के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए UIDAI-Unique Identification Authority of India ने एक ऑनलाइन टूल उपलब्ध कराया है। इस टूल के माध्यम से आप यह देख सकते हैं कि आपका आधार-Aadhaar नंबर कहां-कहां और कब इस्तेमाल हुआ। इसे इस्तेमाल करना बेहद आसान है।
- myAadhaar पोर्टल पर जाएँ: https://myaadhaar.uidai.gov.in
- आधार नंबर और कैप्चा-Captcha दर्ज करें।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP- One Time Password भेजा जाएगा।
- OTP डालकर लॉग-इन करें।
- पोर्टल में ‘Authentication History’ पर क्लिक करें। यहाँ आप देख पाएंगे कि आपका आधार-Aadhaar नंबर कब और किस जगह इस्तेमाल हुआ।
यह सुविधा आपको न केवल अपने आधार-Aadhaar की गतिविधियों पर निगरानी रखने में मदद करती है बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाने में भी सहायक है।
संदिग्ध गतिविधि पर क्या करें?
यदि आपको Authentication History में कोई अजीब या अनजान ट्रांजैक्शन दिखाई दे तो आप तुरंत शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए दो रास्ते हैं:
- UIDAI हेल्पलाइन- 1947 पर कॉल करें।
- ईमेल के माध्यम से शिकायत करें- help@uidai.gov.in।
साथ ही, आप अपने आधार-Aadhaar की बायोमेट्रिक-Biometric को लॉक-Lock भी कर सकते हैं। इससे आपकी अनुमति के बिना कोई भी फिंगरप्रिंट-Fingerprint या आइरिस-Iris स्कैन का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा।
आधार-Aadhaar सुरक्षा के टिप्स
- अपना आधार-Aadhaar नंबर निजी रखें और अनजान व्यक्तियों या वेबसाइट्स पर साझा न करें।
- OTP- One Time Password को कभी भी किसी के साथ शेयर न करें।
- बैंक या सरकारी सेवाओं के अलावा अन्य जगहों पर आधार-Aadhaar की कॉपी न दें।
- नियमित रूप से myAadhaar पोर्टल पर Authentication History चेक करें।
इन साधारण लेकिन महत्वपूर्ण कदमों से आप अपने आधार-Aadhaar को सुरक्षित रख सकते हैं और किसी भी संभावित धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
क्यों जरूरी है नियमित चेक?
आधार-Aadhaar केवल पहचान का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह आपकी डिजिटल पहचान का हिस्सा बन चुका है। अगर इसे गलत हाथों में चला गया तो आपकी बैंकिंग- Banking, मोबाइल, सरकारी लाभ और कई अन्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप समय-समय पर Authentication History चेक करें और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कदम उठाएँ।
















