
दोस्तों, आजकल हर कोई बजट का इंतजार कर रहा है। सुबह 11 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। आम आदमी से लेकर ऑटो कंपनियां तक उम्मीदें लगाए बैठे हैं कि इस बार ग्रीन मोबिलिटी को जोरदार धक्का मिलेगा। खासकर 2026 में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) खरीदने वालों की नजरें सस्ते दामों और सब्सिडी पर टिकी हैं। सोचिए, अगर EV सस्ती हो गईं तो सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियों की रेलम-पेल हो जाएगी। लेकिन सवाल ये है कि बजट में क्या-क्या ऐलान हो सकते हैं? क्या EV सचमुच सस्ती होंगी? चलिए, इस पर गहराई से बात करते हैं।
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कंपनियों की पुकार: सस्ती EV को दें बढ़ावा
टाटा मोटर्स जैसी बड़ी कंपनियां बाजार में EV सेगमेंट में छाई हुई हैं। इनका कहना है कि पैसेंजर व्हीकल मार्केट में तो सुधार हो रहा है, लेकिन एंट्री लेवल की इलेक्ट्रिक गाड़ियां अभी भी महंगी हैं। ग्राहक सोचते हैं, ‘भाई, पेट्रोल वाली कार के दामों पर EV क्यों नहीं?’ कंपनियां सरकार से गुहार लगा रही हैं कि इन सस्ती EV को प्रोत्साहन दो। अगर टैक्स में छूट या सब्सिडी मिली, तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी और कीमतें गिरेंगी। मेरे ख्याल से ये सही भी है, क्योंकि बिना सस्ते ऑप्शन के EV सिर्फ अमीरों की पहुंच तक ही सीमित रहेंगी।
PM E-DRIVE योजना
सरकार पहले से ही PM E-DRIVE स्कीम चला रही है, जो फ्लीट EV खरीदने वाली कंपनियों और संस्थानों को सब्सिडी देती है। इसके लिए 10,000 करोड़ का बजट अलॉट किया गया है। लेकिन अभी इसमें पर्सनल पैसेंजर EV को डायरेक्ट तौर पर शामिल नहीं किया गया। यानी टैक्सी फ्लीट या कमर्शियल यूज को फायदा मिल रहा है, लेकिन आप-हम जैसे आम लोग इंतजार कर रहे हैं।
बजट में अगर ये योजना एक्सपैंड हो गई, तो घर-घर EV पहुंच सकती है। कल्पना कीजिए, दिल्ली-मुंबई की सड़कों पर चार्जिंग स्टेशन बढ़ें और सब्सिडी से गाड़ियां सस्ती हों – ट्रैफिक कम, प्रदूषण जीरो!
सस्ती EV से ग्रीन मोबिलिटी को मिलेगी उड़ान
रिपोर्ट्स बता रही हैं कि अगर बजट 2026-27 में EV पर फोकस हुआ, तो सेक्टर को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। सस्ती बैटरी, कम टैक्स और इंसेंटिव से एंट्री लेवल कारें जैसे टाटा नेक्सॉन EV या महिंद्रा की e-Verito हर मिडिल क्लास परिवार की पहुंच में आ सकती हैं। अभी EV महंगी बैटरी की वजह से 10-15 लाख से शुरू होती हैं, लेकिन सब्सिडी से ये 5-8 लाख तक आ जाएं तो? ग्राहक झूम उठेंगे! कंपनियां प्रोडक्शन बढ़ाएंगी, जॉब्स क्रिएट होंगी और इंडस्ट्री में क्रांति आ जाएगी। ग्रीन मोबिलिटी यानी पर्यावरण बचाओ, पेट्रोल पर निर्भरता घटाओ – ये सपना सच होने वाला है।
बजट के संभावित ऐलान जो बदल देंगे खेल
अब बात करते हैं संभावित घोषणाओं की। पहला, FAME-III स्कीम का ऐलान – पिछली FAME-II खत्म हो चुकी, नई स्कीम से 1 लाख तक सब्सिडी मिल सकती है। दूसरा, GST रेट 5% कर दें EV पर। तीसरा, लोकल बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को इंसेंटिव, ताकि आयात कम हो और दाम गिरें। चौथा, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर 5000 करोड़ का फंड। और हां, स्क्रैपिंग पॉलिसी से पुरानी गाड़ियां हटाकर नई EV को प्राथमिकता। अगर ये सब हुआ, तो 2026 में EV सेल्स दोगुनी हो सकती है। लेकिन सरकार को स्मार्ट प्लानिंग करनी होगी, वरना सिर्फ ऐलान बनकर रह जाएगा।
















