
राज्य में ट्रैफिक नियमों को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। स्पेशल डीजीपी अमरदीप सिंह राय के निर्देश के बाद पूरे राज्य में मॉडिफाई वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया गया है। जिन वाहनों में इंटेंस साइलेंसर, हाई बीम लाइट्स, गैर-मानक टायर, या बॉडी मोडिफिकेशन जैसी बदलाव किए गए हैं, अब उन पर लगातार कार्रवाई चल रही है।
यह भी देखें: Public Holiday Alert: कल 14 नवंबर को स्कूल-कॉलेज बंद! इस खास कारण से रहेगा सार्वजनिक अवकाश
Table of Contents
अभियान की शुरुआत और पुलिस की तैयारी
बीते दिनों स्पेशल डीजीपी अमरदीप सिंह राय ने सभी जिलों के एसपी और डीएसपी (ट्रैफिक) के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की थी। बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि सड़कों पर ऐसे वाहन बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे जो ट्रैफिक नियमों या सड़क सुरक्षा गाइडलाइन्स का उल्लंघन करते हैं।
बैठक के कुछ ही दिन बाद पुलिस टीमों ने फील्ड में उतरकर एक्शन शुरू कर दिया। कई जगहों पर विशेष नाके लगाए गए जहां मॉडिफाई वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है।
लगातार चालान और जब्ती की कार्रवाई
ट्रैफिक पुलिस की विभिन्न यूनिट्स अब रोज़ाना ऐसे वाहनों की डिटेल चेकिंग कर रही हैं। अब तक दर्जनों वाहनों के चालान काटे जा चुके हैं, और कई गाड़ियां जब्त भी की गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ़ दंडात्मक नहीं है, बल्कि लोगों को जागरूक करने का एक तरीका भी है। क्योंकि मॉडिफिकेशन के नाम पर कई लोग कानून का उल्लंघन कर रहे थे, जिससे सड़क सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा था।
यह भी देखें: Boodhi Diwali Holiday: बूढ़ी दिवाली को सरकारी अवकाश घोषित करने की उठी जोरदार मांग, जानें क्या है कारण
क्यों है यह कार्रवाई जरूरी
मॉडिफाइड वाहनों की समस्या सिर्फ शोर या लुक्स तक सीमित नहीं है। कई बार गाड़ी की तकनीकी संरचना बदलने से उसका बैलेंस, कंट्रोल और सुरक्षा स्तर तक प्रभावित होता है। तेज आवाज़ वाले साइलेंसर न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ाते हैं, बल्कि बुजुर्गों और बच्चों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब ध्यान सिर्फ मॉडिफाई कारों या बाइकों पर नहीं, बल्कि उन वर्कशॉप्स पर भी है जो इस तरह के अनधिकृत बदलाव कर रही हैं।
आगे क्या होगा
ट्रैफिक विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस अभियान को आने वाले हफ्तों में और व्यापक किया जाएगा। शहर के हर जोन में स्पेशल टीमें बनाई गई हैं। जिन जगहों पर रात के समय मॉडिफाई वाहनों की रेसिंग या साउंड शो होते हैं, वहां निगरानी और बढ़ाई जाएगी।
डीजीपी स्तर पर एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि आगे चलकर मॉडिफिकेशन से जुड़ी नियमावली और सख्त की जा सके।
जनता से अपील
पुलिस प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी तरह का बाहरी या गैर-मानक बदलाव न करें। स्मूद और सेफ ट्रैफिक सभी की जिम्मेदारी है, और इस नियम का पालन हर ड्राइवर को करना चाहिए।
















