किसानों के लिए बड़ी खबर है। अगर वे फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराते हैं तो उन्हें खाद और बीज नहीं दिया जाएगा। सरकार ने साफ साफ कह दिया है कि सहकारी समिति के सदस्य होने के साथ, किसानों को खाद और बीज लेने के किसान पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सहकारी समितियों के साथ निजी खाद व बीज दुकानों पर या नियम लागू होता है।

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किसान पंजीकरण क्यों है जरुरी?
जब किसी दुकान अथवा विक्रेता से किसान खाद-बीज खरीदता है तो विक्रेता उस किसान का फार्मर रजिस्ट्री नंबर वितरण रजिस्टर में दर्ज करेगा। अगर विक्रेता द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है तो उस पर कार्यवाई की जा सकती है।
सरकारी कृषि विभाग की सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान पंजीकरण कराना अनिवार्य है। आपको किसान योजना की 21वीं क़िस्त के लिए यह पंजीकरण कराना होगा।
वर्तमान स्थिति क्या है?
जानकारी के लिए बता दें मीरजापुर में 3,82,792 किसानों में से 2,13,318 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। वहीं अभी 1,69,474 किसानों ने अभी तक पंजीकरण नहीं किया है।
किसान रजिस्ट्री के लिए जनसेवा केंद्र, सहायक ऐप लॉगिन अथवा अपने फ़ोन से ज़ल्द मोड में यह पूरा कर सकते हैं।
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फार्मर रजिस्ट्री क्या है?
फार्मर रजिस्ट्री को किसान गोल्डन कार्ड कहा जाता है और सरकार द्वारा इसे डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर के तहत बनाया जाता है। आइए इसके मुख्य लाभ जानते हैं।
- यह एक डिजिटल रिकॉर्ड है जिसमें किसान की पूरी जानकारी सही से दर्ज रहती है।
- इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, खेतों का पूरा ब्यौरा, अगर हिस्सेदार है तो उसका हिस्सा, मोबाइल नंबर, आधार कार्ड ईकेवाईसी की जानकारी शामिल रहती हैं।
- यदि जमीन की ओनरशिप बदलती है तो रजिस्ट्री अपडेट हो जाती है।
- इसकी सहायता से किसान फसल लोन, फसल बीमा का क्लेम एवं आपदा आने पर सरकार मदद के लिए बता हैं।
फार्मर रजिस्ट्री कैसे करें?
- सबसे पहले आपको अपने स्मार्ट फ़ोन में स्वयं को रजिस्ट्रेशन कर लेना है।
- इसके बाद आपको राजस्व गांव में लगने वाले शिविरों में शामिल होना है।
- फिर आपको कॉमन सर्विस सेंटर में सम्पर्क करना है।
















