देश में मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत मतदाताओं के नामों की डुप्लीकेसी और गलतियों को दूर करने पर जोर दिया जा रहा है ताकि हर मतदाता का नाम केवल एक ही बूथ पर दर्ज हो। यदि किसी व्यक्ति के नाम दो बूथों पर हैं, तो उसे एक बूथ से नाम हटवाना अनिवार्य है। इसके लिए फोटोयुक्त पहचान पत्र सरेंडर करना होता है और निर्धारित फॉर्म भरकर बूथ स्तर अधिकारी (बीएलओ) को देना होता है।

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घर-घर जाकर सत्यापन
इस अभियान में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच और सत्यापन कर रहे हैं। हर मतदाता से गणना प्रपत्र भरवाया जा रहा है और एक घर पर बीएलओ तीन बार जाकर पुष्टि करते हैं। अभियान के दौरान मतदाता के नाम की दोहरी प्रविष्टि एवं पहचान पत्र की पुष्टि जैसे सवाल भी पूछे जाते हैं। इससे मतदाता सूची में अनावश्यक नामों को हटाकर उसे त्रुटि मुक्त बनाया जा रहा है।
बूथ निर्माण और सुविधा
जिला स्तर पर बूथों की संख्या बढ़ाई जा रही है ताकि हर बूथ पर लगभग 1200 मतदाता हों। बूथ से मतदाता के घर की दूरी 2 किलोमीटर से अधिक न हो, जिससे मतदान केंद्र पर पहुंचना आसान हो। बूथों की संख्या बढ़ाकर मतदान प्रक्रिया को सुगम और सुविधाजनक बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है।
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अधिकृत प्रशिक्षण और कड़ी निगरानी
इस योजना के तहत बीएलओ को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें अभियान की प्रक्रियाओं और सावधानियों पर जोर दिया जाता है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। नए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 का उपयोग किया जाता है, जिससे सूची को सही और आधुनिक बनाए रखा जा सके।
कैसे करें नाम सही
अगर आपके नाम दो जगह मतदाता सूची में हैं तो तुरंत एक जगह से नाम हटवाना चाहिए। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया में फोटोयुक्त पहचान पत्र देकर प्रमाणित हटाने का फार्म भरना होता है। यह काम समयबद्ध तरीके से किया जाना जरूरी है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह से विश्वसनीय और अद्यतन रहे।
















