BH Series Number Plate को केंद्रीय परिवहन मंत्रालय द्वारा उन वाहन मालिकों की सुविधा के लिए शुरू किया गया था, जिनकी नौकरी में बार-बार राज्य परिवर्तित होता है। इस सुविधा के तहत एक ही नंबर प्लेट को भारत के किसी भी राज्य में इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे बार-बार वाहन पंजीकरण बदलने की आवश्यकता नहीं होती।

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नए नियम और टैक्स व्यवस्था
पहले इस नंबर प्लेट के लिए महज दो साल का रोड टैक्स जमा करना होता था, लेकिन हाल ही में परिवहन विभाग ने इस व्यवस्था में सख्ती की है। अब वाहन मालिकों को 14 साल का रोड टैक्स एक बार में जमा करना आवश्यक है। पुराने नंबर धारकों को भी शेष टैक्स जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया है, नहीं तो अतिरिक्त जुर्माना लगाया जाएगा।
आवेदकों के लिए पात्रता शर्तें
इस नंबर प्लेट के लिए पात्रता की सख्त सीमा निर्धारित की गई है:
- केवल केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी
- रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी
- सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रमों (PSUs) में कार्यरत कर्मचारी
- ऐसी निजी कंपनियों के कर्मचारी जिनके कार्यालय चार या उससे अधिक राज्यों में हों
आवेदक को अपनी नौकरी के ट्रांसफर वाली प्रकृति का प्रमाण देना होता है। केवल उन्हीं को BH नंबर प्लेट जारी की जाती है जो इन मानदंडों को पूरा करते हैं।
आवेदन प्रक्रिया क्या है?
आवेदन वाहन मालिक के नजदीकी RTO या VAHAN पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के समय रोजगार प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, पते का प्रमाण, वाहन के दस्तावेज और रोड टैक्स रसीद जैसे जरूरी दस्तावेज जमा किए जाते हैं। आवेदन के सत्यापन और मंजूरी के बाद BH सीरीज नंबर जारी कर दिया जाता है।
प्रशासनिक नोटिस और जुर्माना
जिन वाहन मालिकों ने पुराना BH नंबर लिया था और बाकी टैक्स जमा नहीं किया, उन्हें टैक्स जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। निर्धारित तारीख तक टैक्स न जमा करने पर प्रति दिन 100 रुपये का जुर्माना लगाना शुरू हो जाता है।
















