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Cheap vs Costly: बजट के बाद मोबाइल और TV हुए सस्ते! लेकिन हाई-एंड लैपटॉप खरीदने के लिए ढीली करनी होगी जेब

फाइनेंस मिनिस्टर ने बजट में किए ऐसे बदलाव जो आम लोगों की जेब को सीधे प्रभावित करेंगे। जहां मिड‑रेंज मोबाइल और स्मार्ट टीवी की कीमतें गिरने वाली हैं, वहीं प्रीमियम लैपटॉप खरीदने वालों को खर्च बढ़ने की तैयारी करनी होगी। जानिए कौन सा गैजेट अब सस्ता और कौन महंगा होगा।

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Cheap vs Costly: बजट के बाद मोबाइल और TV हुए सस्ते! लेकिन हाई-एंड लैपटॉप खरीदने के लिए ढीली करनी होगी जेब
Cheap vs Costly: बजट के बाद मोबाइल और TV हुए सस्ते! लेकिन हाई-एंड लैपटॉप खरीदने के लिए ढीली करनी होगी जेब

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किए गए बजट 2026‑27 में कई ऐसे बदलाव किए हैं, जिनका असर आम उपभोक्ता और टेक मार्केट पर सीधे पड़ सकता है। शुरुआती तौर पर ये बदलाव मामूली लग सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और वित्तीय नियमों में इनका दूरगामी असर होगा।

मोबाइल और टीवी: कीमतों में कमी की उम्मीद

बजट में स्थानीय उत्पादन और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी में कटौती की गई है। इसका सीधा असर मोबाइल और टीवी की कीमतों पर पड़ेगा। इसके अलावा, पहले से ही GST स्लैब में बदलाव और टैक्स में राहत से टीवी, AC और बड़े घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स पर कीमतें घट चुकी हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि बजट लागू होने के बाद मोबाइल और टीवी की कीमतें 5‑10% तक कम हो सकती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को खरीदारी में राहत मिलेगी।

“स्थानीय उत्पादन बढ़ने और ड्यूटी कटौती से सस्ते मोबाइल और टीवी जल्द ही बाजार में उपलब्ध होंगे,” कहते हैं इंडस्ट्री विशेषज्ञ।

हाई‑एंड लैपटॉप: महंगे होने की संभावना

वहीं, हाई‑एंड लैपटॉप के लिए बजट में कोई राहत नहीं दी गई है। इम्पोर्टेड और प्रीमियम लैपटॉप पर ड्यूटी में कोई कमी नहीं की गई। साथ ही, वैश्विक सप्लाई‑चेन में मेमोरी चिप्स और अन्य कंपोनेंट्स की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे उत्पादन महंगा हो रहा है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि हाई‑एंड लैपटॉप की कीमतों में 10‑30% तक वृद्धि हो सकती है, खासकर उन मॉडल्स के लिए जिनमें उन्नत प्रोसेसर या ग्राफिक्स कार्ड शामिल हैं।

“अगर आप अगले कुछ महीनों में नया लैपटॉप लेने की सोच रहे हैं, तो कीमतों में बढ़ोतरी से पहले खरीदारी करना समझदारी होगी,” सलाह देते हैं बाजार विश्लेषक।

बजट में अन्य महत्वपूर्ण बदलाव

बजट में इलेक्ट्रॉनिक्स के अलावा कई अन्य वित्तीय नियमों में बदलाव किया गया है, जिनका आम लोगों पर असर पड़ सकता है।

  1. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स: अब सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए गोल्ड बॉन्ड्स पर कैपिटल गेन्स टैक्स छूट नहीं मिलेगी। यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
  2. डेरिवेटिव्स सौदे: फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) बढ़ा दिया गया है। इससे हर सौदे की लागत बढ़ जाएगी।
  3. एनआरआई से प्रॉपर्टी ख़रीदना आसान: अब भारतीय खरीदार अपने PAN नंबर का इस्तेमाल करके टीडीएस काट कर भुगतान कर सकेंगे, जिससे जटिल कागजी कार्रवाई कम होगी।
  4. क्रिप्टो निवेश पर सख़्ती: 1 अप्रैल 2026 से क्रिप्टो लेन-देन की जानकारी नहीं देने या गलत जानकारी देने पर जुर्माना लगेगा।
  5. विदेश में पढ़ाई और इलाज के लिए रेमिटेंस में राहत: टीसीएस की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे विदेश में शिक्षा या मेडिकल खर्च के लिए पैसे भेजना सस्ता हो जाएगा।

उपभोक्ता को असर

बजट के बाद उपभोक्ताओं पर असर इस प्रकार होगा:

  • मोबाइल और टीवी की कीमतें घटेंगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।
  • हाई‑एंड लैपटॉप महंगे होंगे, खासकर प्रीमियम मॉडल्स में।
  • वित्तीय नियमों में बदलाव निवेश, क्रिप्टो, गोल्ड बॉन्ड्स और विदेश में पढ़ाई/इलाज के खर्च को प्रभावित करेंगे।

सरकार ने साफ संदेश दिया है: “बुनियादी और मिड‑रेंज इलेक्ट्रॉनिक्स की ओर बढ़ावा, लेकिन प्रीमियम तकनीक की खरीदारी अब सोच-समझ कर करनी होगी।” यदि आप चाहें तो मैं इस आर्टिकल के साथ मोबाइल/टीवी और लैपटॉप की अनुमानित कीमतें बजट के बाद कितनी घटेंगी या बढ़ेंगी इस डेटा‑ड्रिवन तालिका के साथ जोड़ सकता हूँ, जिससे पाठक सीधे देख सकें।

Cheap vs Costly
Author
Divya

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