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UP Farmer Scheme: किसानों के लिए आई ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’, मात्र 6% ब्याज पर मिलेगा लोन, जानें कैसे उठाएं लाभ।

महंगे कर्ज से मिलेगी राहत! मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु-सीमांत किसानों को सस्ता Loan, सरकार उठाएगी ब्याज का बोझ। जानिए पात्रता, फायदा और आवेदन का आसान तरीका।

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UP Farmer Scheme: किसानों के लिए आई 'मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना', मात्र 6% ब्याज पर मिलेगा लोन, जानें कैसे उठाएं लाभ।
UP Farmer Scheme: किसानों के लिए आई ‘मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना’, मात्र 6% ब्याज पर मिलेगा लोन, जानें कैसे उठाएं लाभ।

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नए साल से पहले यूपी के किसानों को बड़ी सौगात

अब सिर्फ 6% ब्याज पर मिलेगा कृषि Loan, सरकार उठाएगी अतिरिक्त बोझ

राज्य ब्यूरो, लखनऊ।
नए साल 2026 से पहले उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सरकार ने प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लघु और सीमांत किसानों के हित में एक अहम घोषणा करते हुए कहा है कि अब उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक (Uttar Pradesh Cooperative Gram Vikas Bank – LDB) के माध्यम से किसानों को मात्र छह प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि Loan उपलब्ध कराया जाएगा।

अब तक इस ऋण पर किसानों को करीब 11.50 प्रतिशत ब्याज चुकाना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था के तहत शेष ब्याज राशि राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खेती-किसानी के लिए सस्ता कर्ज (Affordable Farm Credit) सुलभ हो सकेगा।

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत बड़ा ऐलान

यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 (International Year of Cooperatives-2025) के समापन अवसर पर की। लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में आयोजित युवा सहकार सम्मेलन एवं यूपी को-ऑपरेटिव एक्सपो-2025 के उद्घाटन समारोह में उन्होंने यह महत्वपूर्ण एलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता-Cooperative System केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास, सामाजिक समानता और आत्मनिर्भरता की मजबूत नींव है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की प्रेरणा से देश में पहली बार सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation) का गठन किया गया, जिससे इस क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली।

सहकारिता आंदोलन को मिली नई ताकत

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को आधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण (Digitization) और ई-गवर्नेंस (E-Governance) से जोड़ा गया है। इसके चलते पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है।

उन्होंने बताया कि दुनिया की लगभग एक चौथाई सहकारी संस्थाएं भारत में हैं, जिनसे 30 करोड़ से अधिक सदस्य जुड़े हुए हैं। बीते 11 वर्षों में सहकारिता क्षेत्र में व्यापक सुधार देखने को मिले हैं।

एम-पैक्स (MPACS) से बढ़ा वित्तीय समावेशन

प्रदेश में एम-पैक्स (Multi-Purpose Primary Agricultural Cooperative Societies) के जरिए सदस्यता अभियान को मजबूती मिली है। सितंबर से नवंबर 2025 के बीच चलाए गए विशेष अभियान में 24 लाख नए सदस्य जुड़े, जिससे 43 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ।

इसी अवधि में जिला सहकारी बैंकों (District Cooperative Banks) में दो लाख नए खाते खोले गए और 550 करोड़ रुपये का डिपॉजिट बढ़ा। मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि उस समय 16 जिला सहकारी बैंक डिफॉल्टर घोषित हो चुके थे, लेकिन सुधारात्मक कदमों से अब सभी बैंक न केवल स्वस्थ हैं, बल्कि मुनाफे में भी हैं।

सहकारी बैंकों का मुनाफा और नई उपलब्धियां

वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश के सहकारी बैंकों ने 162 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ अर्जित किया है। यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक (UP State Cooperative Bank) को नाबार्ड (NABARD) से ‘A’ श्रेणी बैंक का दर्जा मिला है और इसकी 40 शाखाएं संचालित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश की पहचान “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” से होती थी, लेकिन अब राज्य “वन डिस्ट्रिक्ट, वन को-ऑपरेटिव बैंक” की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बलरामपुर में नए जिला सहकारी बैंक की स्थापना की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

एम-पैक्स को ब्याज मुक्त Loan और खाद की निर्बाध आपूर्ति

मुख्यमंत्री ने बताया कि एम-पैक्स को 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त Loan (Interest Free Loan) दिया जा रहा है, जिसे आगे बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की तैयारी है। इसके अलावा 6760 एम-पैक्स को उर्वरक व्यवसाय के लिए ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया गया, जिससे किसानों को खाद की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हुई।

एम-पैक्स ने अब तक 6400 करोड़ रुपये का कारोबार करते हुए 191 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। प्रदेश में 161 एम-पैक्स पर जनऔषधि केंद्र (Jan Aushadhi Kendra) भी खोले गए हैं।

सहकारिता से रोजगार और जीडीपी बढ़ाने पर जोर

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि वैश्विक स्तर पर पूंजीवाद की सीमाएं सामने आ रही हैं और Cooperative Model ही समावेशी विकास का सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने कहा कि सहकारिता के जरिए GDP और प्रति व्यक्ति आय दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।

उन्होंने उत्तर प्रदेश में बांस आधारित उद्योगों की संभावनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

अधिकारियों और लाभार्थियों को मिला सम्मान

कार्यक्रम में वाराणसी और महाराजगंज के जिलाधिकारियों को एम-पैक्स में सर्वाधिक सदस्य जोड़ने के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही सीएम युवा योजना (CM Yuva Yojana) और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत लाभार्थियों को Loan के चेक वितरित किए गए।
इसके अलावा नमो ड्रोन दीदी योजना (Namo Drone Didi Scheme) के तहत प्रशिक्षित महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।

UP Farmer Scheme
Author
Divya

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