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December 2025 Festival List: दिसंबर में कब है मोक्षदा एकादशी, क्रिसमस और गुरु गोबिंद सिंह जयंती? पूरी व्रत-त्योहार लिस्ट देखें

दिसंबर 2025 हिंदू कैलेंडर का खास महीना! 1 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी व गीता जयंती से शुरुआत, 5 को पौष मास, 16 को धनु संक्रांति व खरमास। सफला एकादशी, प्रदोष व्रत, बैकुंठ एकादशी (31 को) संग गुरु गोविंद सिंह जयंती। आध्यात्मिक साधना का सुनहरा समय!​

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december 2025 vrat tyohar full list

दिसंबर 2025 हिंदू पंचांग के अनुसार एक अत्यंत महत्वपूर्ण माह है जिसमें कई प्रमुख व्रत और त्योहार आते हैं। इस माह की शुरुआत मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती से होती है, जो आध्यात्मिक रूप से विशेष महत्व रखती है। साथ ही पौष मास की शुरुआत होती है, जो सूर्य पूजा का उत्तम समय माना जाता है। धनु संक्रांति के बाद खरमास आरंभ हो जाता है, जिसके कारण विवाह और अन्य शुभ कार्यों पर समय के लिए रोक लग जाती है। दिसंबर में कई एकादशियां, प्रदोष व्रत, अमावस्या, और सिख धर्म के गुरु गोबिजद सिंह जयंती जैसे उत्सव भी मनाए जाते हैं, जिनका धार्मिक महत्व गहरा है।

मोक्षदा एकादशी और गीता जयंती

दिसंबर के पहले दिन यानी 1 दिसंबर को मोक्षदा एकादशी पड़ती है, जिसे सभी एकादशियों में श्रेष्ठ माना जाता है। इस व्रत के पालन से व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। इसी दिन गीता जयंती भी मनाई जाती है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश दिया था। इस दिन गीता का पाठ एवं ध्यान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

पौष मास का आरंभ और खरमास

5 दिसंबर से पौष मास शुरू होता है, जो सूर्य देव की पूजा के लिए स्वर्णिम अवसर होता है। इस महीने को दान-पुण्य और उपवास के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। 16 दिसंबर को धनु संक्रांति आती है जिससे सूर्य धनु राशि में प्रवेश करता है और खरमास आरंभ होता है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं, परन्तु विष्णु पूजा एवं दान का महत्त्व बढ़ जाता है।

प्रमुख व्रत और त्योहार

दिसंबर में अन्य महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार हैं:

  • प्रदोष व्रत (2 और 17 दिसंबर): शिव पूजा से मानसिक शांति मिलती है।
  • अन्नपूर्णा और दत्तात्रेय जयंती (4 दिसंबर): विशेष पूजा का पर्व।
  • अखुरथ संकष्ठी चतुर्थी (7 दिसंबर): गणेश जी की विशेष आराधना।
  • सफला एकादशी (15 दिसंबर): मनोकामना पूर्ण करने वाली एकादशी।
  • पौष अमावस्या (19 दिसंबर): पितृ तर्पण और दान का दिन।
  • विनायक चतुर्थी (24 दिसंबर): गणेश पूजा से बाधाओं का नाश।
  • गुरु गोविंद सिंह जयंती (27 दिसंबर): सिख गुरु की जयंती, नगर कीर्तन और लंगर का आयोजन।
  • पौष पुत्रदा एकादशी (30 दिसंबर): संतान प्राप्ति के लिए शुभ।
  • बैकुंठ एकादशी (31 दिसंबर): विष्णु भक्तों के लिए सर्वोत्तम, मोक्ष की प्राप्ति का दिन।

आध्यात्मिक महत्व

दिसंबर का महीना आध्यात्मिक साधना, दान, उपवास और देवों की आराधना के लिए अत्यंत अनुकूल समय होता है। इस माह के व्रत और पूजा से न सिर्फ धार्मिक पुण्य मिलता है, बल्कि मन की शांति और जीवन में सकारात्मक बदलाव भी आते हैं। इस समय ग्रह स्थिति और ज्योतिषीय प्रभाव भी धार्मिक आयोजनों को और अधिक प्रभावशाली बनाते हैं। इसलिए December 2025 को धार्मिक दृष्टि से विशेष माना जाता है।

Author
Divya

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