
दिल्ली और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है, बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर अब अपने अंतिम पड़ाव पर है, ताज़ा अपडेट के अनुसार, फरवरी 2026 तक इस एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से जनता के लिए खोल दिया जाएगा, इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से देहरादून की दूरी जो वर्तमान में 6 से 7 घंटे में तय होती है, वह घटकर महज 2.5 घंटे रह जाएगी।
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निर्माण कार्य 98% पूरा, अंतिम चरण में तैयारियाँ
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, 210 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का लगभग 98 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में साइन बोर्ड लगाने, लाइटिंग और फिनिशिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी संकेत दिए हैं कि कॉरिडोर के सभी चरणों का काम लगभग पूरा है और इसे अगले महीने राष्ट्र को समर्पित किया जा सकता है।
सहारनपुर खंड इसी माह होने जा रहा है शुरू
जनवरी 2026 के ताजा अपडेट के मुताबिक, जडौदा पांडा से डाट काली मंदिर तक का लगभग 80 किलोमीटर लंबा सहारनपुर सेक्शन इसी महीने यातायात के लिए खोला जा सकता है, इससे स्थानीय यात्रियों को तुरंत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
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एशिया का सबसे लंबा वन्यजीव कॉरिडोर है आकर्षण का केंद्र
इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी विशेषता राजाजी नेशनल पार्क से गुजरने वाला 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, यह न केवल एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है, बल्कि इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक्सप्रेसवे के ऊपर से गाड़ियां गुजरेंगी और नीचे वन्यजीवों का आवागमन बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।
मुख्य मार्ग और कनेक्टिविटी
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून के डाट काली मंदिर के पास समाप्त होगा अक्षरधाम से लोनी (18 किमी) तक का हिस्सा पहले ही सुचारू रूप से चल रहा है।
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PMO की हरी झंडी का इंतजार
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) इस प्रोजेक्ट की बारीकी से निगरानी कर रहा है, निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सभी चारों चरणों का काम 100% सुरक्षित और पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक औपचारिक उद्घाटन नहीं किया जाएगा, विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका भव्य उद्घाटन कर सकते हैं।
















