
दिल्ली और उत्तराखंड के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है, ताज़ा रिपोर्टों के अनुसार, यह 213 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर फरवरी 2026 के पहले सप्ताह के बाद पूरी तरह से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
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99% काम पूरा, जल्द होगा उद्घाटन
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अनुसार, इस महाप्रोजेक्ट का 99% से अधिक निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है, वर्तमान में राजमार्ग के कुछ हिस्सों पर फिनिशिंग टच और सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है, माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी 2026 में इस आधुनिक एक्सप्रेसवे का आधिकारिक उद्घाटन कर सकते हैं।
समय और दूरी में भारी कटौती
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच की यात्रा का समय वर्तमान के 6-7 घंटे से घटकर मात्र 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा। यह न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी भारी कमी लाएगा।
इस प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
- एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 213 किलोमीटर है।
- यह दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर बागपत, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून के आशारोड़ी तक पहुंचेगा।
- कारों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किमी/घंटा और भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा निर्धारित की गई है।
- राजाजी नेशनल पार्क के पास वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया गया है, जो एशिया में अपनी तरह का सबसे लंबा हिस्सा है।
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ट्रायल रन और सुविधाएं
दिसंबर 2025 से एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर ट्रायल रन पहले ही शुरू किए जा चुके हैं, यात्रियों की सुविधा के लिए मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और आधुनिक रिफ्रेशमेंट पॉइंट्स की व्यवस्था की जा रही है।
इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से न केवल उत्तराखंड में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिलों में आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
















