
अगर आपके बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं लेकिन घर में टैबलेट या स्मार्ट डिवाइस की कमी है, तो सरकार की मुफ्त टैबलेट योजना आपके लिए राहत लेकर आई है। यह योजना गरीब परिवारों के छात्रों को डिजिटल दुनिया से जोड़ने के लिए चलाई जा रही है, ताकि वे ऑनलाइन क्लास और नई स्किल्स सीख सकें। कई राज्य जैसे यूपी, तमिलनाडु और बंगाल में यह 2025 में जोर-शोर से लागू हो रही है।
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योजना के मुख्य फायदे
इस स्कीम से छात्रों को न सिर्फ मुफ्त टैबलेट मिलता है, बल्कि उसमें पहले से पढ़ाई का सामान भी लोड होता है। ऑनलाइन कोर्स, जॉब साइट्स और स्किल ट्रेनिंग ऐप्स इस्तेमाल करके बच्चे आगे बढ़ सकते हैं। परिवार की जेब पर बोझ न पड़े और बच्चे आत्मनिर्भर बनें, यही इसका मकसद है।
पात्रता की बुनियादी शर्तें
लाभ लेने के लिए कुछ आसान शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। राज्य का मूल निवासी होना जरूरी है, परिवार की सालाना कमाई 2 लाख से कम होनी चाहिए। सरकारी या प्राइवेट स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या 6वीं से 12वीं के बच्चे आवेदन कर सकते हैं। बैंक खाता और आधार होना चाहिए।
जरूरी कागजात तैयार रखें
आवेदन भरते वक्त ये दस्तावेज साथ रखें: आधार कार्ड, डोमिसाइल सर्टिफिकेट, स्कूल आईडी, मार्कशीट, इनकम प्रूफ, फोटो और बैंक डिटेल्स। सब कुछ स्कैन करके अपलोड करना पड़ता है, तो पहले ही तैयार कर लें।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें
प्रक्रिया बिल्कुल सरल है। राज्य की ऑफिशियल साइट पर जाएं, जैसे यूपी के लिए डिजिशक्ति पोर्टल। रजिस्टर करें, फॉर्म भरें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और सबमिट कर दें। वेरिफिकेशन के बाद टैबलेट स्कूल या घर डाक से पहुंच जाता है। स्टेटस चेक करते रहें।
2025 के नए अपडेट
इस साल बजट बढ़ाकर लाखों छात्रों को कवर किया गया है। यूपी में करोड़ों का फंड, तमिलनाडु में छोटे क्लास के बच्चों को फोकस, बंगाल और आंध्र में भी बड़े पैमाने पर वितरण हो रहा है। तकनीकी पार्टनरशिप से कंटेंट बेहतर हो गया है।
















