
भारतीय बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी पर लगाम लगाने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जनवरी 2026 से कई महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं, इन नए नियमों के कारण करोड़ों खाताधारकों को ट्रांजैक्शन और कैश निकासी में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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बिना KYC वाले खातों पर ‘डिजिटल ताला’
RBI के ताजा निर्देशों के अनुसार, जिन ग्राहकों ने अपने खाते का KYC (Know Your Customer) अपडेट नहीं किया है, उनके खातों को तत्काल प्रभाव से ‘डेबिट फ्रीज’ किया जा सकता है, इसका अर्थ है कि आप खाते में पैसा तो जमा कर पाएंगे, लेकिन निकाल नहीं सकेंगे, हालांकि, कम जोखिम वाले ग्राहकों को जून 2026 तक की मोहलत दी गई है, लेकिन हाई-रिस्क खातों पर कार्रवाई शुरू हो चुकी है।
निष्क्रिय (Dormant) खातों का होगा सफाया
अगर आपके पास ऐसा कोई बैंक खाता है जिसमें पिछले 24 महीनों (2 साल) से कोई लेनदेन नहीं हुआ है, तो 1 जनवरी 2026 से उसे ‘निष्क्रिय’ घोषित कर बंद किया जा सकता है, ऐसे खातों से पैसा निकालने के लिए आपको बैंक शाखा जाकर नए सिरे से सत्यापन कराना होगा।
चेक क्लियरेंस के बदले नियम: अब नहीं मिलेगा समय
चेक से पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर है, 2026 से नई चेक क्लियरेंस प्रणाली के तहत चेक पास होने का समय घटकर मात्र 3 घंटे रह गया है इसका मतलब है कि अब खाते में बैलेंस न होने पर चेक बाउंस होने की प्रक्रिया तुरंत होगी, जिससे जुर्माना और कानूनी कार्रवाई का जोखिम बढ़ गया है।
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भारी कैश निकासी पर TDS की मार
आयकर नियमों और बैंकिंग नीति में तालमेल के चलते, यदि आपने पिछले 3 वर्षों से ITR (Income Tax Return) फाइल नहीं किया है, तो बैंक से नकद निकासी महंगी पड़ेगी, ₹20 लाख से अधिक की निकासी पर 2% और ₹1 करोड़ से अधिक पर 5% का भारी-भरकम TDS काटा जा रहा है।
डिजिटल लेनदेन और सिम वेरिफिकेशन
साइबर अपराधों को रोकने के लिए, NPCI और बैंकों ने सिम-बाइंडिंग (Sim Binding) अनिवार्य कर दी है, यदि आपका मोबाइल नंबर बैंक रिकॉर्ड से पूरी तरह मैच नहीं होता या सिम कार्ड नया है, तो UPI और मोबाइल बैंकिंग सेवाएं ब्लॉक हो सकती हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
- तुरंत कराएं KYC: अपनी नजदीकी बैंक शाखा या मोबाइल ऐप के जरिए आधार और पैन कार्ड अपडेट करें।
- खाता चालू रखें: साल में कम से कम एक बार छोटा लेनदेन (जैसे ₹100 जमा या निकासी) जरूर करें।
- ITR भरें: नकद निकासी पर होने वाले टैक्स नुकसान से बचने के लिए समय पर रिटर्न फाइल करें।
- सक्षम रहें: किसी भी तकनीकी समस्या या धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल RBI सचेत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या नेशनल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
बैंकिंग सेवाओं में किसी भी रुकावट से बचने के लिए अपने बैंक के आधिकारिक संदेशों पर नजर रखें और समय रहते जरुरी सुधार कर लें।
















