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राशन कार्ड धारकों की मौज! फरवरी में मिलेगा राशन के साथ रिफाइंड तेल, जानें

फरवरी से हिमाचल प्रदेश के राशन कार्ड धारकों को मिलेगा एक लीटर रिफाइंड तेल और एक लीटर सरसों तेल। लंबे इंतजार के बाद अब तेल की कमी का अंत, जानें कैसे मिलेगा आपका राशन और लाभ।

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राशन कार्ड धारकों की मौज! फरवरी में मिलेगा राशन के साथ रिफाइंड तेल, जानें
राशन कार्ड धारकों की मौज! फरवरी में मिलेगा राशन के साथ रिफाइंड तेल, जानें

लंबे इंतजार के बाद हिमाचल प्रदेश के राशन कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। राज्य में फरवरी माह से राशन के साथ अब रिफाइंड तेल (Refined Oil) उपलब्ध होगा। यह जानकारी सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन (Civil Supply Corporation) ने दी है, जिसने रिफाइंड तेल की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) शुरू कर दी है।

राज्य में पिछले कुछ महीनों से राशन डिपुओं में रिफाइंड तेल की कमी देखी जा रही थी। सितंबर माह से यह तेल उपलब्ध नहीं हो पा रहा था, जिसके कारण उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दामों पर तेल खरीदना पड़ रहा था। अब सरकार की इस पहल से लगभग 19.5 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।

फरवरी में राशन के साथ मिलेगा तेल

सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि फरवरी के राशन वितरण के दौरान प्रत्येक परिवार को एक लीटर सरसों तेल (Mustard Oil) और एक लीटर रिफाइंड तेल (Refined Oil) दिया जाएगा। यह कदम राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण योजनाओं के तहत किया जा रहा है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को भोजन के साथ जरूरी तेल भी सुलभ कीमत पर मिल सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले महीनों में तेल की कमी के कारण कई परिवारों को स्थानीय बाजार से महंगा तेल खरीदना पड़ रहा था। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में तेल की कीमतें बढ़ने से घरेलू बजट पर भी दबाव पड़ रहा था। अब सरकार की यह पहल इन चुनौतियों का समाधान करेगी और राशन वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाएगी।

टेंडर प्रक्रिया और आपूर्ति योजना

सिविल सप्लाई कॉर्पोरेशन ने रिफाइंड तेल की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है। टेंडर प्रक्रिया (Tender Process) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के सभी राशन डिपुओं में समय पर और गुणवत्तापूर्ण तेल पहुंचे।

सिविल सप्लाई निगम के अधिकारी ने कहा कि इस योजना के तहत तेल की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होगी और गुणवत्ता की कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि तेल वितरण की निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी, जो प्रत्येक डिपो और जिला स्तर पर स्थिति की नियमित समीक्षा करेगी।

राज्य के लिए सामाजिक और आर्थिक महत्व

हिमाचल प्रदेश में लगभग 19.5 लाख राशन कार्ड धारक परिवार हैं। इन सभी परिवारों के लिए तेल की उपलब्धता न केवल आर्थिक राहत है बल्कि पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ मानते हैं कि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह कदम स्वास्थ्य और पोषण की दृष्टि से भी फायदेमंद साबित होगा।

सरकार का यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में सामाजिक न्याय (Social Justice) और आर्थिक समानता (Economic Equality) को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। तेल की उपलब्धता न केवल घरों में खाना पकाने की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि इसे स्थानीय बाजार में महंगे दामों पर तेल खरीदने की जरूरत भी कम होगी।

पिछले महीनों में तेल की कमी के कारण समस्याएँ

राज्य में सितंबर 2025 से रिफाइंड तेल की आपूर्ति में खामियां देखी गई थीं। इसका मुख्य कारण वितरण चैनलों में व्यवधान और सप्लायर्स के साथ अनुबंध प्रक्रिया में देरी थी। इससे उपभोक्ताओं को न सिर्फ आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि राशन वितरण के दौरान असुविधा भी बढ़ी।

हालांकि सरकार ने लगातार इस मसले को हल करने की कोशिश की और अंततः टेंडर प्रक्रिया को तेज कर दिया। अब फरवरी 2026 से सभी राशन कार्ड धारकों को तेल मिलेगा, जिससे पिछले महीनों की कठिनाइयाँ समाप्त हो जाएंगी।

सरकार और निगम की जिम्मेदारी

सिविल सप्लाई निगम ने जनता से अपील की है कि वे तेल वितरण के दौरान किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें। निगम की टीम इसे गंभीरता से लेगी और सुधारात्मक कदम उठाएगी। यह कदम सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) बढ़ाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।

भविष्य में योजनाओं का विस्तार

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यह योजना और अधिक परिवारों तक पहुँचाई जाएगी। साथ ही, तेल की गुणवत्ता और वितरण की दक्षता बढ़ाने के लिए डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम (Digital Monitoring System) की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।

यह पहल न सिर्फ राशन कार्ड धारकों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि राज्य में सामाजिक कल्याण (Social Welfare) और पोषण सुरक्षा (Nutritional Security) को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Author
Divya

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