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New Expressway: यूपी से हरियाणा के लिए 747 KM लंबे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को मंजूरी, इन 100 गांवों की जमीन के दाम हुए चार गुना

सिद्धार्थनगर, गोरखपुर और बहराइच के गांव अब करोड़ों में बिकेंगे। जानें कौन से गांव इस हाईवे से जुड़ेंगे और कैसे यह प्रोजेक्ट स्थानीय व्यापार, रोजगार और जमीन की कीमतों में बदल देगा पूरी तस्वीर।

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New Expressway: यूपी से हरियाणा के लिए 747 KM लंबे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को मंजूरी, इन 100 गांवों की जमीन के दाम हुए चार गुना
New Expressway: यूपी से हरियाणा के लिए 747 KM लंबे गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे को मंजूरी, इन 100 गांवों की जमीन के दाम हुए चार गुना

उत्तर प्रदेश और हरियाणा को जोड़ने वाले पानीपत-पानीपत गोरखपुर Expressway का रास्ता साफ हो गया है। 747 किलोमीटर लंबे इस हाईवे के निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद पूर्वांचल के कई जिलों के 100 से अधिक गांवों की जमीन के दाम अचानक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। यह परियोजना न केवल यातायात सुगमता बढ़ाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी।

गोरखपुर-बस्ती मंडल में सर्वे की शुरुआत

NHAI-National Highway Authority of India ने गोरखपुर और बस्ती मंडल में एक्सप्रेसवे के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया है। यह रूट बांसी के 37 गांव, मेंहदावल के 29 गांव और गोरखपुर की सदर व कैंपियरगंज तहसील के 46 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके अलावा, हाटा के 21 गांवों की जमीन भी चिन्हित की गई है।

सर्वे के दौरान भूमि अधिग्रहण और डिज़ाइनिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एनएचएआई ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं ताकि यह प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

एक्सप्रेसवे का पूरा रूट तय

पानीपत से गोरखपुर तक बनने वाला यह 747 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे कई महत्वपूर्ण शहरों और जिलों से होकर गुजरेगा। मुख्य शहर और जिले जिनसे यह मार्ग गुजरता है:

  • सिद्धार्थनगर
  • बलरामपुर
  • बहराइच
  • लखीमपुर खीरी
  • गोरखपुर

गोरखपुर जिले में एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 34 किलोमीटर होगी और यह नयनसर के पास गोरखपुर-सोनौली हाईवे को भी पार करेगा। साथ ही, संतकबीरनगर के कई हिस्सों को भी यह मार्ग कवर करेगा।

इस हाईवे के बनने से यात्रियों को पहले की तुलना में यात्रा का समय कम होगा, और माल ढुलाई भी तेज और सुरक्षित तरीके से होगी।

स्थानीय विकास और आर्थिक संभावनाएं

747 किलोमीटर लंबे पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे से लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से छोटे व्यवसाय, कृषि व्यापार और Renewable Energy जैसे प्रोजेक्ट्स को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

गोरखपुर मंडल में एक्सप्रेसवे की योजना इस प्रकार है:

  • कैंपियरगंज क्षेत्र के गांव: लक्ष्मीपुर, मखनहा, ठकुरापार, नयनसर, रामपुर कैथवलिया
  • अन्य गांव: गंगापार, रमवापुर, नीबा, कंदरखावा

इन गांवों में नई सड़क के निर्माण से परिवहन बेहतर होगा, जमीन की कीमतें बढ़ेंगी और स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी में सुधार

इस एक्सप्रेसवे के मार्ग में बढ़नी, फुलवरिया, सियारामपुर, महराजगंज, जंगल नाकिन और जंगल डुमरी जैसे ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं। इसके साथ ही रामपुर बुजुर्ग, गंभीरपुर कम्हरिया, सोनराइच (बड़ा गांव) जैसे गांवों को भी सीधे बड़े शहरों से जोड़ा जाएगा।

बेहतर सड़क और यातायात सुविधा मिलने से इन क्षेत्रों में रोजगार और व्यापार के नए अवसर खुलेंगे। इसके साथ ही किसानों और छोटे व्यवसायियों को बड़े बाजार तक पहुँचने में आसानी होगी।

अंतिम रूट और चिन्हित गांव

नए पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे में प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण गांवों की पहचान की है। इस रूट में प्रमुख रूप से शामिल गांव हैं:

  • बंजारी
  • कम्हरिया
  • बहादुरपुर
  • जमोहनी
  • मिश्रौलिया
  • सिरसिया
  • पिपरा शुक्ल

इन क्षेत्रों में अब तेजी से विकास गतिविधियां शुरू होंगी, और आईपीओ-IPO जैसी निवेश गतिविधियों के लिए भी बेहतर मार्ग उपलब्ध होगा।

एक्सप्रेसवे के प्रभाव

  1. यात्रा समय में कमी – गोरखपुर से पानीपत तक यात्रा पहले की तुलना में तेज़ होगी।
  2. आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि – व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
  3. जमीन की कीमतों में उछाल – 100 से अधिक गांवों में संपत्ति मूल्य बढ़ने की संभावना।
  4. ग्रामीण कनेक्टिविटी – छोटे गांवों का बड़े शहरों से सीधा संपर्क।
  5. Renewable Energy प्रोजेक्ट्स – नए बुनियादी ढांचे से ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा।
New Expressway
Author
Divya

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