
पेट्रोल पंपों पर तेल कम देने और ग्राहकों की जेब पर डाका डालने वाले गिरोह के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, हाल ही में जिलाधिकारी (DM) द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में पेट्रोल पंपों पर चिप और रिमोट के जरिए तेल चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है, इस धोखाधड़ी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जिले के सभी पेट्रोल पंप मालिकों के लिए सख्त चेतावनी और नए आदेश जारी किए हैं।
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मशीनों में ‘खेल’ कर जनता को लगाया जा रहा था चूना
जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ पेट्रोल पंपों पर मशीनों के भीतर अवैध इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाई गई थी, इस तकनीक के जरिए ग्राहकों को स्क्रीन पर तो पूरा पेट्रोल दिखता था, लेकिन असल में उनकी गाड़ियों में 5 से 10 प्रतिशत तक कम तेल जा रहा था, डीएम ने मौके पर ही इन मशीनों को सील करते हुए दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
प्रशासन के नए और सख्त नियम
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि अब लापरवाही या धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन द्वारा जारी नए आदेशों की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- लाइसेंस होगा निरस्त: यदि किसी भी पंप पर घटतौली (कम तेल देना) या मिलावट पाई गई, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।
- संयुक्त टीम करेगी चेकिंग: राजस्व विभाग, पुलिस और बाट-माप विभाग की टीमें अब हर सप्ताह पंपों का औचक निरीक्षण करेंगी।
- जेल की होगी सजा: धोखाधड़ी करने वाले पंप मालिकों पर IPC की धारा 420 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- मशीनों की डिजिटल ऑडिट: पंपों की मशीनों की समय-समय पर तकनीकी जांच की जाएगी ताकि सॉफ्टवेयर के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ न हो सके।
ग्राहकों के लिए प्रशासन की सलाह
डीएम ने आम जनता से अपील की है कि वे जागरूक बनें। यदि किसी ग्राहक को तेल की मात्रा पर संदेह होता है, तो वह पंप पर उपलब्ध ‘5-लीटर प्रमाणित जार’ से तेल मापवाने की मांग कर सकता है, नियम के अनुसार, कोई भी पेट्रोल पंप मालिक इस जांच के लिए मना नहीं कर सकता।
शिकायत कहाँ करें?
अगर आपको किसी पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी का अनुभव होता है, तो आप तुरंत जिला आपूर्ति अधिकारी (DSO) को सूचित करें या भारत सरकार के आधिकारिक PGPortal पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
















