
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO (Employees’ Provident Fund Organisation) ने पेंशनर्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक अहम और दूरगामी कदम उठाया है। Employees’ Pension Scheme-EPS के तहत पेंशन पाने वाले लाखों बुजुर्गों को अब हर साल Digital Life Certificate-DLC जमा करने के लिए बैंक या EPFO कार्यालयों की कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।
EPFO ने India Post Payments Bank-IPPB के साथ साझेदारी कर एक फ्री डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सर्विस की शुरुआत की है, जिसके तहत पोस्टमैन या डाकसेवक सीधे पेंशनर के घर पहुंचकर जीवन प्रमाण प्रक्रिया पूरी करेंगे।
यह सुविधा विशेष रूप से उन पेंशनर्स के लिए राहत लेकर आई है जो अधिक उम्र, बीमारी, डिजिटल जानकारी की कमी या ग्रामीण क्षेत्रों में रहने के कारण स्मार्टफोन और ऐप्स का उपयोग नहीं कर पाते।
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क्या है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) और क्यों जरूरी?
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट वह प्रमाण होता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि पेंशनर जीवित है और उसकी पेंशन नियमित रूप से जारी रखी जाए।
EPS पेंशनर्स के लिए यह प्रमाण हर साल जमा करना अनिवार्य होता है। समय पर DLC जमा न होने की स्थिति में पेंशन रुक सकती है।
अब EPFO की नई व्यवस्था से यह प्रक्रिया पूरी तरह घर बैठे और बिना किसी शुल्क के पूरी की जा सकेगी।
डोरस्टेप सेवा कैसे करेगी काम? जानिए पूरी प्रक्रिया
नई सुविधा के तहत पोस्टमैन या डाकसेवक पेंशनर के घर जाकर निम्नलिखित चरणों में प्रक्रिया पूरी करेंगे:
- PPO (Pension Payment Order) और Aadhaar विवरण का मिलान
- Face Authentication Technology-FAT के माध्यम से पहचान सत्यापन
- यदि फेस ऑथेंटिकेशन सफल नहीं होता है, तो Biometric Fingerprint का उपयोग
- सफल वेरिफिकेशन के बाद Digital Life Certificate जनरेट
- पेंशनर को SMS के जरिए पुष्टि संदेश
- DLC सीधे Jeevan Pramaan Portal पर अपलोड
पूरी प्रक्रिया का खर्च EPFO द्वारा वहन किया जा रहा है, इसलिए पेंशनर्स को एक भी रुपया नहीं देना होगा।
सेवा के लिए कैसे करें आवेदन?
पेंशनर्स इस सेवा का लाभ उठाने के लिए:
- IPPB मोबाइल ऐप के जरिए स्लॉट बुक कर सकते हैं
- या फिर IPPB कस्टमर केयर नंबर 033-22029000 पर कॉल करके घर आने का अनुरोध कर सकते हैं
निर्धारित तारीख और समय पर पोस्टमैन पेंशनर के घर पहुंचेंगे।
लंबित मामलों पर EPFO का फोकस: मार्च 2026 तक क्लियर होंगे सभी केस
EPFO ने इस पहल के साथ-साथ लंबे समय से लंबित DLC मामलों को निपटाने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं।
- 5 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता
- इसके बाद 2 से 5 साल पुराने मामलों की जांच
- लक्ष्य: मार्च 2026 तक सभी लंबित DLC केसों का निपटारा
यदि किसी डोरस्टेप वेरिफिकेशन के दौरान डाकसेवक को पेंशनर के निधन की जानकारी मिलती है, तो उसकी तुरंत रिपोर्ट की जाएगी। इससे या तो नॉमिनी को पेंशन शुरू की जा सकेगी या PPO बंद किया जाएगा।
सभी Zonal Offices को प्रगति की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा
EPFO ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन पेंशनर्स के पास स्मार्टफोन है और जो डिजिटल रूप से सक्षम हैं, वे:
- Jeevan Pramaan App
- UMANG App
के जरिए खुद ही DLC बना सकते हैं।
जो पेंशनर्स इसमें असहज महसूस करते हैं, उनके लिए यह फ्री डोरस्टेप सर्विस एक मजबूत सहारा बनेगी। उल्लेखनीय है कि यह सुविधा 2020 से मौजूद थी, लेकिन अब इसे पूरी तरह मुफ्त कर दिया गया है।
विशेषज्ञों की राय: Ease of Living की दिशा में बड़ा कदम
पेंशन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि EPFO और IPPB की यह संयुक्त पहल बुजुर्गों के लिए Ease of Living को वास्तविक रूप देती है।
इससे न केवल पेंशनर्स की शारीरिक और मानसिक परेशानी कम होगी, बल्कि Digital India और भरोसेमंद गवर्नेंस को भी मजबूती मिलेगी।
















