भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चर्चा और प्रतीक्षा जारी है। बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी की जबरदस्त जीत के बाद इस पद के लिए दावेदारों के नामों ने और जोर शोर से सुर्खियां बटोरी हैं। हालांकि अभी तक भाजपा ने इस पद के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी के अंदर एक मजबूत रुख बनता नजर आ रहा है।

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धर्मेंद्र प्रधान की दावेदारी
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस वक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। बिहार चुनाव में उनकी कुशल रणनीति और संगठन क्षमता की वजह से भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव प्रभारी के तौर पर न सिर्फ बागी उम्मीदवारों को समझाया बल्कि पार्टी के कैडर को भी मजबूती दी। उनकी चुनावी सफलता को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व सहित संगठन के अन्य हिस्सों में भी सराहा जा रहा है।
मोदी-शाह की समीकरण में बदलाव
हाल के चुनावों में मिली भाजपा की जीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की जोड़ी को राजनीतिक मजबूती दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अब मोदी जी आरएसएस को मनाने में सक्षम हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष उनकी पसंद का हो। यह राजनीतिक समीकरण भाजपा के नेतृत्व के चयन पर बड़ा असर डाल सकते हैं।
अन्य संभावित दावेदार
धर्मेंद्र प्रधान के अलावा केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर जैसे वरिष्ठ नेता भी इस पद के लिए चर्चा में हैं। इसके साथ ही पहली बार भाजपा की किसी महिला नेता के भाजपा अध्यक्ष बनने की संभावना भी जता रही है, जिसमें निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी, और वनाथी श्रीनिवासन जैसे नाम सामने आए हैं।
नड्डा का कार्यकाल और पार्टी की स्थिति
मौजूदा अध्यक्ष जे पी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो चुका है, लेकिन लोकसभा चुनावों और विभिन्न चुनावी तैयारियों के चलते उनका कार्यकाल बढ़ाया गया। अब पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन को लेकर कयास तेज हो रहे हैं, और जल्द ही इस पर फैसला आने की उम्मीद है।
















