
समाजवादी पार्टी के फिरोजाबाद जिलाध्यक्ष और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के करीबी नेता शिवराज सिंह यादव के एक ताजा बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है, सिरसागंज विधानसभा क्षेत्र के दांडियामई गांव में आयोजित ‘पीडीए (PDA) पाठशाला’ के दौरान उन्होंने सार्वजनिक मंच से हिंदू पहचान को लेकर सवाल खड़े किए।
यह भी देखें: EPFO Pension News: प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को राहत! EPFO पेंशन ₹5,000 तक बढ़ने की उम्मीद, सरकार कर रही है समीक्षा
Table of Contents
विवाद का मुख्य कारण
- सपा नेता का दावा: शिवराज सिंह यादव ने कहा, “मैं हिंदू नहीं हूं, मैं शिवराज सिंह यादव हूं और पहले एक इंसान हूं”, उन्होंने तर्क दिया कि वह ऐसे धर्म को स्वीकार नहीं करते जो मनुस्मृति की वर्ण व्यवस्था के आधार पर इंसानों में भेदभाव करता है।
- उन्होंने हिंदू वर्ण व्यवस्था का हवाला देते हुए कहा कि यदि वे ब्राह्मण, क्षत्रिय या वैश्य नहीं हैं, तो क्या उन्हें ‘शुद्र’ माना जाएगा? उन्होंने जातिगत भेदभाव को आधार बनाकर हिंदू धर्म से अपनी दूरी व्यक्त की।
- सफाई और पलटवार: विवाद बढ़ने पर शिवराज सिंह ने स्पष्टीकरण दिया कि उनका बयान केवल भेदभावपूर्ण व्यवस्था के खिलाफ था। उन्होंने दावा किया कि वे भगवान कृष्ण के अनुयायी हैं और शिव का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें हिंदू होने के लिए किसी “सर्टिफिकेट” की आवश्यकता नहीं है।
यादव समुदाय, जिसे यदुवंशी भी कहा जाता है, अपनी उत्पत्ति प्राचीन यदु वंश से मानता है, जिसका संबंध पौराणिक राजा यदु से है। यह वंश हिंदू धर्म के कई महत्वपूर्ण ग्रंथों, जैसे महाभारत और पुराणों में वर्णित है।
धार्मिक पहचान
- भगवान कृष्ण से संबंध: यादव समुदाय स्वयं को भगवान कृष्ण का वंशज मानता है, जो हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता हैं, भगवान कृष्ण का यदु वंश से गहरा संबंध है और उन्हें इस वंश के नायक के रूप में देखा जाता है।
- सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथाएं: ऐतिहासिक रूप से, यादव समुदाय ने हिंदू धर्म की कई परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन किया है। वे अक्सर हिंदू त्योहारों को मनाते हैं और हिंदू देवी-देवताओं की पूजा करते हैं।
ऐतिहासिक और सामाजिक पहलू
- जातिगत वर्गीकरण: भारत की सामाजिक संरचना में यादवों को परंपरागत रूप से एक जाति समूह के रूप में पहचाना जाता है। आधुनिक भारतीय संदर्भ में, वे अक्सर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) श्रेणी में आते हैं।
- राजनीतिक और सामाजिक महत्व: यादव समुदाय की भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक उपस्थिति है।
संक्षेप में, ऐतिहासिक, पौराणिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से यादव समुदाय को हिंदू धर्म का एक अभिन्न अंग माना जाता है, जिसका गहरा संबंध भगवान कृष्ण और प्राचीन यदु वंश से है।
















