
उत्तर भारत में इस समय सर्दी और वायु प्रदूषण की दोहरी चुनौती ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर समेत पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाके घने कोहरे और स्मॉग की चपेट में हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई जगहों पर 400 के पार पहुंच चुका है, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है। इस हालात में बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है।
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दिल्ली में बढ़ी सर्दी की छुट्टियां, स्कूल रहेंगे बंद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पहले ही प्रदूषण के कारण प्राइमरी कक्षाओं को बंद किया गया था। अब 23 दिसंबर 2025 से 1 जनवरी 2026 तक सभी स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। सप्ताहांत को जोड़कर माना जा रहा है कि स्कूलों में औपचारिक पढ़ाई 5 जनवरी 2026 से फिर शुरू होगी। यानी छात्रों के लिए लगभग 10 से 15 दिन की लंबी छुट्टियां तय हैं।
स्कूल खुलने से पहले सुरक्षा तैयारी
दिल्ली सरकार ने बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में ‘क्लीन एयर ज़ोन’ बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार द्वारा 10,000 एयर प्यूरीफायर वितरित किए जा रहे हैं ताकि क्लासरूम में प्रदूषण का असर कम किया जा सके। सबसे पहले इन्हें उन इलाकों के स्कूलों में लगाया जा रहा है जहां AQI लगातार खतरनाक स्तर पर दर्ज हो रहा है।
नोएडा-गुरुग्राम में भी लंबी छुट्टियों की तैयारी
दिल्ली के नजदीकी जिलों नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में भी ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP-IV) लागू है। यहां नर्सरी से 5वीं तक की कक्षाएं फिलहाल बंद हैं, जबकि बड़ी कक्षाएं ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड में चल रही हैं। गाजियाबाद में 31 दिसंबर से 15 दिन की सर्दी की छुट्टियां घोषित हो चुकी हैं, और नोएडा में भी इसी अवधि के दौरान अवकाश शुरू होने की संभावना है। हरियाणा सरकार भी जल्द फरीदाबाद और गुरुग्राम के स्कूलों की छुट्टियों की घोषणा कर सकती है।
हरियाणा में 1 जनवरी से 15 जनवरी तक छुट्टी
हरियाणा के स्कूलों में इस बार सर्दी की छुट्टियां 1 जनवरी से 15 जनवरी 2026 तक रहने की संभावना है। इससे पहले 25 दिसंबर (क्रिसमस डे), 26 दिसंबर (शहीद उधम सिंह जयंती) और 27 दिसंबर (गुरु गोबिंद सिंह जयंती) को पहले ही स्कूल बंद रहेंगे। कुल मिलाकर छात्रों को लगभग तीन हफ्तों की पढ़ाई से राहत मिल जाएगी।
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में क्लासेस स्थगित
ठंड और शीतलहर ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी हालात बिगाड़ दिए हैं। गाजियाबाद, कानपुर, बरेली, अमेठी, पीलीभीत, रामपुर, सुल्तानपुर और गोंडा में नर्सरी से 8वीं तक की फिजिकल क्लासेस बंद कर दी गई हैं। कुछ जिलों में यह पाबंदी जनवरी के मध्य तक रह सकती है। गाजियाबाद प्रशासन ने 1 जनवरी से 15 जनवरी तक के लिए स्कूलों की छुट्टी की पुष्टि की है।
बिहार में स्कूलों का समय बदला, कई जगह बंदी
बिहार में प्रशासन ने बच्चों को ठंड से बचाने के लिए लचीला रुख अपनाया है। पटना, मुजफ्फरपुर, अररिया, बांका और मधुबनी में स्कूलों का समय बदलकर सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। वहीं छपरा और गोपालगंज जैसे जिलों में आंगनवाड़ी केंद्रों से लेकर प्राइमरी स्कूलों तक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
पंजाब, एमपी और राजस्थान में भी विंटर वेकेशन
उत्तर भारत के अन्य राज्य भी सर्दी के असर से अछूते नहीं हैं। पंजाब में 24 दिसंबर से 1 जनवरी तक आठ दिन का विंटर ब्रेक घोषित किया गया है। मध्य प्रदेश में भी 25 दिसंबर से छुट्टियां शुरू होने जा रही हैं, जबकि पीएम श्री स्कूलों में 23 दिसंबर से ही अवकाश शुरू हो चुका है। राजस्थान में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक 12 दिन तक स्कूल बंद रहेंगे।
दक्षिण भारत में भी ठंड का असर
इस बार सर्दी का असर दक्षिण भारत तक पहुंच गया है। तमिलनाडु में पिछले वर्षों की तुलना में ज्यादा लंबी छुट्टियां घोषित की गई हैं। यहां 24 दिसंबर से 5 जनवरी 2026 तक 12 दिन का विंटर ब्रेक रहेगा। राज्य सरकार ने यह फैसला तापमान में गिरावट और स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
ठंड में राहत के इंतज़ार में बच्चे और अभिभावक
कुल मिलाकर देखा जाए तो सर्दी और प्रदूषण ने पूरे उत्तर भारत में स्कूली गतिविधियों को धीमा कर दिया है। हालांकि बच्चे इन छुट्टियों को सर्दियों की मस्ती और त्योहारों के साथ एन्जॉय करने के मूड में हैं, वहीं प्रशासन लगातार मौसम और प्रदूषण के स्तर पर नजर बनाए हुए है। अगर हालात जल्द सुधरते हैं, तो जनवरी के दूसरे सप्ताह से स्कूल सामान्य रूप से खुल सकते हैं।
















