
ओडिशा सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) को लेकर एक ऐतिहासिक और कठोर कदम उठाया है। 22 जनवरी 2026 को राज्य सरकार ने तंबाकू (Tobacco) और पान मसाला (Pan Masala) से जुड़े सभी उत्पादों पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete Ban) लगाने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद ओडिशा देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहाँ तंबाकू के हर रूप पर सबसे व्यापक कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (Health & Family Welfare Department) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब राज्य में बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, जर्दा, तंबाकू और इससे जुड़े सभी उत्पादों के निर्माण (Production), पैकेजिंग (Packaging), वितरण (Distribution), भंडारण (Stocking) और बिक्री (Sale) पर पूरी तरह रोक रहेगी।
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Odisha Tobacco Ban: किन-किन तंबाकू उत्पादों पर लगा प्रतिबंध?
सरकारी नोटिफिकेशन में प्रतिबंधित उत्पादों की स्पष्ट सूची जारी की गई है, ताकि किसी भी तरह की कानूनी अस्पष्टता न रहे। बैन की गई प्रमुख श्रेणियाँ इस प्रकार हैं:
बैन किए गए तंबाकू प्रोडक्ट्स की सूची
- गुटखा (Gutkha), पान मसाला (Pan Masala), जर्दा (Zarda), खैनी (Khaini)
- सभी फ्लेवर्ड (Flavoured), सेंटेड (Scented) या एडिटिव्स (Additives) मिले चबाने वाले तंबाकू उत्पाद
- पैकेज्ड और अनपैकेज्ड दोनों तरह के तंबाकू प्रोडक्ट्स
- अलग-अलग पैकेट में बिकने वाले ऐसे उत्पाद जिन्हें मिलाकर सेवन किया जाता है
- कोई भी फूड प्रोडक्ट जिसमें तंबाकू या निकोटीन (Nicotine) मिला हो, चाहे उसका नाम या ब्रांड कुछ भी हो
यह प्रतिबंध सभी ओरल (Oral Use) तंबाकू उत्पादों पर लागू होगा, चाहे वे किसी भी रूप में बनाए, बेचे या इस्तेमाल किए जा रहे हों।
Tobacco Products Ban के पीछे सरकार की बड़ी वजह
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि जीवन रक्षक (Life-Saving Decision) है। विभाग के अनुसार जर्दा, खैनी, गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद कैंसर (Cancer) के सबसे बड़े कारणों में शामिल हैं।
तंबाकू से जुड़े गंभीर स्वास्थ्य खतरे
- इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) और WHO (World Health Organization) ने इन उत्पादों को कैंसरकारक (Carcinogenic) घोषित किया है
- मुंह, गला, पेट, किडनी और फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है
- ओरल हेल्थ (Oral Health) बुरी तरह प्रभावित होती है
- बच्चों और युवाओं में लत (Addiction) तेजी से विकसित होती है
सबसे चिंताजनक आंकड़ा यह है कि ओडिशा में 42% से अधिक वयस्क स्मोकलेस तंबाकू (Smokeless Tobacco) का सेवन करते हैं, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना है।
Supreme Court और FSSAI के निर्देशों के अनुरूप फैसला
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के निर्देशों और FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के नियमों के अनुरूप लगाया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा जारी अधिसूचना को कानूनी रूप से मजबूत माना जा रहा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
“यह बैन सभी ओरल तंबाकू उत्पादों को कवर करता है और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों से समर्थित है, जिससे भविष्य में किसी भी कानूनी चुनौती की गुंजाइश कम होगी।”
Tobacco-Free Odisha Mission: सरकार की लोगों से अपील
राज्य सरकार ने आम नागरिकों, दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि वे नए नियमों का सख्ती से पालन करें और तंबाकू-मुक्त ओडिशा (Tobacco-Free Odisha) के लक्ष्य में सहयोग करें।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में कैंसर और अन्य गैर-संचारी रोगों (Non-Communicable Diseases) को रोकने की दिशा में मील का पत्थर (Milestone) साबित हो सकता है।
















