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Young Millionaire: न डॉक्टर, न इंजीनियर! 12वीं के छात्र ने शुरू किया ये बिजनेस, अब हर महीने ₹6 लाख की कमाई; 18 की उम्र में बना करोड़पति।

12वीं का छात्र जिसने आम लोगों की तरह पढ़ाई में ही फंसने की बजाय शुरू किया एक अनोखा बिजनेस। अब हर महीने ₹6 लाख की कमाई कर रहा है। जानिए कैसे इस युवा ने सिर्फ एक स्मार्ट आइडिया और मेहनत से अपनी ज़िंदगी को बना दिया असली सफलता की कहानी।

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Young Millionaire: न डॉक्टर, न इंजीनियर! 12वीं के छात्र ने शुरू किया ये बिजनेस, अब हर महीने ₹6 लाख की कमाई; 18 की उम्र में बना करोड़पति।
Young Millionaire: न डॉक्टर, न इंजीनियर! 12वीं के छात्र ने शुरू किया ये बिजनेस, अब हर महीने ₹6 लाख की कमाई; 18 की उम्र में बना करोड़पति।

फरवरी 2026 जब ज्यादातर किशोर अपने भविष्य को लेकर सिर्फ सोचते हैं, वहीं 18 वर्षीय सोहलप्रीत सिंह सिद्धू ने अपने जुनून और मेहनत से एक प्रेरक मिसाल कायम की है। सोहलप्रीत ने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद मेडिकल, इंजीनियरिंग या विदेश जाने के सपनों को छोड़, डेयरी फार्मिंग को अपना करियर बनाया और मात्र तीन साल में एक बड़ा व्यवसाय खड़ा कर लिया।

बचपन से व्यवसाय की ओर रुझान

सोहलप्रीत का डेयरी व्यवसाय 15 साल की उम्र में शुरू हुआ, जब उन्होंने अपने परिवार को पहली भैंस खरीदने के लिए मनाया। अगस्त 2023 में उन्होंने 1.20 लाख रुपये में अपनी पहली भैंस खरीदी, जबकि उस समय परिवार के पास केवल चार-पांच भैंसें थीं और डेयरी छोटे स्तर पर ही काम कर रही थी। उस समय से ही उन्होंने डेयरी की जिम्मेदारी संभाली और जो भी कमाई हुई, उसे पुनः नई भैंसें खरीदने में निवेश किया

ओपन स्कूलिंग से 12वीं पास करने के बाद सोहलप्रीत अब वेटरनरी कोर्स में दाखिला लेने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बड़े स्तर पर डेयरी चलाने के लिए अनुभव और शिक्षा दोनों हासिल कर सकें।

डेयरी का विस्तार और वर्तमान स्थिति

आज सोहलप्रीत के पास लगभग 120 पशु हैं, जिनमें 55 भैंसें, 15 गायें और करीब 50 बछड़े शामिल हैं। उनकी डेयरी में विभिन्न नस्लों की भैंसें और गायें हैं, जैसे मुर्रा, नीली रावी, होल्स्टीन फ्रिज़ियन और जर्सी। रोजाना लगभग 50 से 55 पशु दूध दे रहे हैं, जबकि 15-20 पशु गर्भवती हैं। सोहलप्रीत का लक्ष्य है कि अगले साल तक करीब 100 पशु दूध देने लगें और भविष्य में 500-550 भैंसों तक डेयरी को बढ़ाया जाए

डेयरी से रोजाना 650 से 700 लीटर दूध का उत्पादन होता है, जिसे बरनाला में एक निजी कंपनी के कलेक्शन सेंटर पर बेचा जाता है। भैंस का दूध 65–70 रुपये प्रति किलो और गाय का 38-42 रुपये प्रति किलो के भाव बिकता है। प्रतिदिन लगभग 400 किलो भैंस का दूध बेचा जाता है, जिससे महीने की कुल बिक्री लगभग 10 लाख रुपये तक पहुंच जाती है। इसमें से करीब 60 प्रतिशत मुनाफा रहता है, जो पुनः डेयरी में निवेश किया जाता है।

डेयरी में फिलहाल छह मजदूर काम करते हैं और मिल्किंग हाथ और मशीनों से की जाती है। दूध निकालने में रोजाना लगभग तीन घंटे लगते हैं। चारे का बड़ा हिस्सा उनकी खुद की जमीन पर उगाया जाता है, जिससे लागत घटती है और पशुओं की सही देखभाल संभव होती है।

डेयरी फार्म और कृषि प्रबंधन

परिवार के पास कुल 20 एकड़ जमीन है और अतिरिक्त 22 एकड़ जमीन लीज पर ली गई है। डेयरी फार्म लगभग एक एकड़ में फैला है और इसे हर साल वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाया जा रहा है। फार्म में अलग-अलग फीडिंग एरिया, शेड और नहलाने के कुंड बनाए गए हैं। इसके अलावा परिवार गेहूं, धान, मक्का और चारे की फसलें उगाता है। लगभग 4.5 एकड़ जमीन सिर्फ चारे के लिए आरक्षित है, जिसमें बरसीन, जौ, मक्का, चरी और बाजरा शामिल हैं। साइलैज भी घर पर ही तैयार किया जाता है।

चुनौतियाँ और सीख

सोहलप्रीत के पिता बलबीर सिंह सिद्धू बताते हैं कि शुरुआत में परिवार को संदेह था, लेकिन बेटे के जुनून ने उन्हें भरोसा दिलाया। दादा निशान सिंह सिद्धू भी उनके सफल विकास पर गर्व महसूस करते हैं।

हालांकि इस सफर में कुछ नुकसान भी हुए। शुरुआत में गलत नस्ल की भैंसें खरीद ली गईं, जिससे घाटा हुआ। लेकिन सोहलप्रीत का मानना है कि बिजनेस में सफल होने के लिए हर काम खुद करना और हर बारीकी को समझना जरूरी है

सोहलप्रीत कहते हैं, “डेयरी मेरे लिए बोझ नहीं, मेरा शौक है। मैं पंजाब छोड़कर नहीं जाना चाहता। मेरा भविष्य यहीं है।

प्रेरणा और भविष्य की योजना

सोहलप्रीत की कहानी न सिर्फ उनके सफल व्यवसाय को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण भारत के युवा उद्यमियों के लिए भी प्रेरणा बन चुकी है।
उनका लक्ष्य है कि डेयरी को बड़े पैमाने पर फैलाया जाए और अगले कुछ वर्षों में 500-550 भैंसों का एक बड़ा फार्म तैयार किया जाए, जिससे ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार और अवसर भी पैदा होंगे।

सोशल मीडिया या विदेश जाने के बजाय अपने पैतृक व्यवसाय में निवेश करना और मेहनत से उसे बढ़ाना, सोहलप्रीत की कहानी को एक असली मिसाल और सीखने योग्य मॉडल बनाता है। अगर आप चाहें, मैं इसका एक और विस्तृत संस्करण तैयार कर सकता हूँ, जिसमें उनके डेयरी बिजनेस का लागत, मुनाफा और विस्तार रणनीति भी शामिल हो ताकि यह सिर्फ प्रेरणादायक नहीं बल्कि शिक्षाप्रद भी बन जाए।

Young Millionaire
Author
Divya

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