
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनी सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Energy) के शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों से भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर ₹74.30 से सुजलॉन का शेयर करीब 30% तक फिसल चुका है, इस बड़ी गिरावट ने निवेशकों के बीच हलचल पैदा कर दी है, कुछ इसे ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट में खरीदारी) का मौका मान रहे हैं, तो कुछ और बड़ी गिरावट की आशंका जता रहे हैं।
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क्यों टूट रहा है सुजलॉन का शेयर?
बाजार जानकारों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
- प्रमोटर हिस्सेदारी में कमी: हालिया आंकड़ों के अनुसार, प्रमोटरों की हिस्सेदारी 13.25% से घटकर 11.74% रह गई है, जिससे निवेशकों का भरोसा थोड़ा डगमगाया है।
- मैनेजमेंट में बदलाव: कंपनी के ग्रुप सीएफओ (CFO) हिमांशु मोदी के इस्तीफे के बाद से स्टॉक पर दबाव बढ़ा है।
- तकनीकी कमजोरी: शेयर वर्तमान में अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो शॉर्ट-टर्म में मंदी के संकेत दे रहा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स की क्या है सलाह?
स्टॉक की इस स्थिति पर दिग्गज ब्रोकरेज हाउस और विशेषज्ञों की राय बंटी हुई है:
बुलिश व्यू (खरीदारी की सलाह):
- दिग्गज विश्लेषक शर्मिला जोशी सुजलॉन के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। उन्होंने 6.2 GW की मजबूत ऑर्डर बुक का हवाला देते हुए ₹75 के टारगेट प्राइस के साथ ‘Buy’ रेटिंग दी है। वहीं, नुवामा (Nuvama) ने भी स्टॉक को अपग्रेड करते हुए ₹60 का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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बियरिश व्यू (सावधानी की सलाह):
- तकनीकी विश्लेषक हरीश जुजरे का मानना है कि चार्ट पर स्टॉक कमजोर दिख रहा है। उनके अनुसार, किसी भी छोटी तेजी (Pullback) का उपयोग पोजीशन से निकलने के लिए करना चाहिए।
महत्वपूर्ण स्तर (Support & Resistance):
- जिगर एस पटेल के मुताबिक, निवेशकों को ₹51 के सपोर्ट लेवल पर नजर रखनी चाहिए। अगर यह स्तर टूटता है तो और गिरावट आ सकती है। वहीं, नई तेजी के लिए स्टॉक का ₹54 के रेजिस्टेंस को पार करना अनिवार्य है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
- शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक स्टॉक ₹54 के ऊपर स्थिरता नहीं दिखाता, तब तक नई एंट्री से बचें।
- लॉन्ग-टर्म निवेशक: अगर आपका नजरिया 1-2 साल का है, तो ₹50-₹53 के दायरे में धीरे-धीरे खरीदारी (Accumulation) शुरू की जा सकती है, कंपनी का कर्ज मुक्त होना और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बढ़ती मांग इसके पक्ष में है।
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सुजलॉन एनर्जी फिलहाल एक निर्णायक मोड़ पर है, जहाँ फंडामेंटल्स और ऑर्डर बुक मजबूत हैं, वहीं तकनीकी चार्ट और प्रमोटर होल्डिंग चिंता का विषय बनी हुई है, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे NSE India पर स्टॉक के प्रदर्शन को ट्रैक करें और निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा करें।
















