Join Contact

प्रीपेड मीटर लगवाते ही खाली होगी जेब? अब हर महीने बिल में कटेगा मीटर का पैसा, जानें सरकार का ये नया ‘वसूल’ नियम

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर नई बहस छिड़ गई है, सरकार और बिजली विभाग (UPPCL) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की भारी-भरकम कीमत एक साथ चुकाने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इसकी 'वसूल' प्रक्रिया को किस्तों में बदल दिया गया है, 2025 में लागू इन नियमों के तहत अब हर महीने आपके रिचार्ज बैलेंस से मीटर का पैसा कटेगा

Published On:
प्रीपेड मीटर लगवाते ही खाली होगी जेब? अब हर महीने बिल में कटेगा मीटर का पैसा, जानें सरकार का ये नया 'वसूल' नियम
प्रीपेड मीटर लगवाते ही खाली होगी जेब? अब हर महीने बिल में कटेगा मीटर का पैसा, जानें सरकार का ये नया ‘वसूल’ नियम

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर को लेकर नई बहस छिड़ गई है, सरकार और बिजली विभाग (UPPCL) द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार, अब उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर की भारी-भरकम कीमत एक साथ चुकाने की जरुरत नहीं होगी, बल्कि इसकी ‘वसूल’ प्रक्रिया को किस्तों में बदल दिया गया है, 2025 में लागू इन नियमों के तहत अब हर महीने आपके रिचार्ज बैलेंस से मीटर का पैसा कटेगा।

यह भी देखें: राजीव युवा विकास योजना क्या है? कौन ले सकता है फायदा, ऑनलाइन आवेदन का पूरा तरीका जानें

क्या है नया ‘वसूल’ नियम?

बिजली विभाग ने अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर की लागत को ‘Totex’ मॉडल (Total Expenditure) के तहत वसूलने का फैसला किया है, इसका सीधा मतलब यह है कि मीटर लगाने, उसके रखरखाव और संचालन का पूरा खर्च उपभोक्ताओं के मासिक बिल में जोड़ दिया जाएगा।

मुख्य बिंदु:

  • नए नियमों के अनुसार, उपभोक्ता मीटर की कीमत (लगभग ₹6,016) को आसान मासिक किस्तों में दे सकते हैं।
  • कम आय वाले उपभोक्ताओं और छोटे दुकानदारों के लिए विभाग ने ₹150 प्रति माह (5 साल तक) या ₹1,000 डाउन पेमेंट के साथ ₹125 प्रति माह का विकल्प दिया है।
  •  चूंकि मीटर प्रीपेड है, इसलिए यह किस्त आपके रिचार्ज बैलेंस से हर महीने अपने आप कट जाएगी।

दामों में भारी कटौती और रिफंड की उम्मीद

उपभोक्ताओं के भारी विरोध के बीच, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने हाल ही में मीटर की कीमतों में कटौती का प्रस्ताव दिया है।

  •  सिंगल-फेज मीटर के लिए ₹2,800 और थ्री-फेज के लिए ₹4,100 की दर प्रस्तावित की गई है, जो वर्तमान में वसूल की जा रही ₹6,016 और ₹11,341 की दरों से काफी कम है।
  • यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही ज्यादा पैसे चुका दिए हैं, उन्हें बिलिंग साइकिल के जरिए लगभग ₹75 करोड़ का रिफंड मिलने की संभावना है।

यह भी देखें: MRP से महंगी मिल रही है कोल्ड ड्रिंक या पानी? बस एक मैसेज और दुकानदार पर होगी FIR, जानें अपने ये 3 बड़े कानूनी अधिकार

विवाद और उपभोक्ता अधिकार

स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को लेकर भी विवाद जारी है। उपभोक्ता संगठनों का दावा है कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड के बीच चुनाव करने का अधिकार है, हालांकि, विभाग ने नए कनेक्शनों के लिए स्मार्ट मीटर को अनिवार्य कर दिया है।

उपभोक्ताओं को क्या होगा फायदा?

सरकार का तर्क है कि इस प्रणाली से:

  1. गलत मीटर रीडिंग और भारी-भरकम ‘सरप्राइज बिल’ से छुटकारा मिलेगा।
  2. उपभोक्ता ऐप के जरिए अपनी बिजली खपत को पल-पल ट्रैक कर सकेंगे।
  3. स्मार्ट मीटर के साथ बिजली लोड बढ़ाने पर कोई सिक्योरिटी चार्ज नहीं देना होगा (केवल मामूली आवेदन शुल्क लगेगा)।

 यदि आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और नया मीटर लगवाने जा रहे हैं, तो UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने क्षेत्र और कनेक्शन के अनुसार किस्तों की विस्तृत जानकारी जरूर लें।

Smart Prepaid Meter Charges to Be Collected in Bills
Author
Divya

Leave a Comment

संबंधित समाचार

🔥Hot विडिओ देखें