
उत्तर प्रदेश में बिजली चोरी रोकने और बिल भुगतान में सुधार लाने के लिए यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने बड़े कदम उठाए हैं। चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने निर्देश दिए हैं कि अब बिजलीकर्मियों के घरों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे और उन्हें अपने बिल खुद ही चुकाने होंगे। किसी प्रकार की छूट या रियायत नहीं दी जाएगी। एलएमवी-10 श्रेणी के तहत ये प्रीपेड मीटर लगेंगे और सभी कर्मचारियों से पूरी ईमानदारी की उम्मीद की गई है।
इससे पहले कानपुर में मीटर लगाने गई टीम को कर्मचारियों ने रोक दिया था, जिससे कार्य धीमा हुआ था। अब चेयरमैन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई भी कर्मचारी इस प्रक्रिया में ढिलाई नहीं दिखाए।
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बिजलीकर्मियों की जिम्मेदारी और ट्रांसफॉर्मर स्थिति
पिछले नौ महीनों में 146 ट्रांसफॉर्मरों के फुंकने पर भी नाराजगी जताई गई। क्षेत्रवार समीक्षा में ट्रांसफॉर्मरों की स्थिति का आकलन किया गया और कर्मचारियों की जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा जताई गई।
बिल राहत योजना और रिवीजन प्रक्रिया
बिजली बिल राहत योजना को व्यापक रूप से लागू करने पर जोर दिया गया। योजना के अंतर्गत आने वाले उपभोक्ताओं तक लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिल रिवीजन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए हेल्पलाइन और हेल्पडेस्क से आने वाली शिकायतों को तय प्रारूप के अनुसार निपटाने का आदेश भी जारी किया गया।
पनकी थर्मल प्लांट और ट्रांसमिशन सबस्टेशन का निरीक्षण
चेयरमैन ने ट्रांसगंगा सिटी में अधूरे ट्रांसमिशन सबस्टेशन का निरीक्षण किया और पाया कि पिलर न बनने और यूपीसीडा-यूपीपीसीएल के समन्वय की कमी के कारण काम रुका हुआ है। इसके बाद पनकी स्थित 660 मेगावाट थर्मल प्लांट का निरीक्षण किया गया और बीएचईएल को निर्देश दिए गए कि सभी शेष कार्य पूरा कर प्लांट उत्पादन निगम को सौंपा जाए। प्लांट चालू होने के बाद बिजली की दर घटकर 3.24 रुपये प्रति यूनिट हो जाएगी, जिससे गर्मी के मौसम में थर्मल बैकिंग कम होगी और प्लांट पूरी क्षमता से काम करेगा।
















