
भारत और अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में अगले हफ्ते एक बड़ा भूचाल आ सकता है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी जुर्माना लगाने वाले एक नए विधेयक को हरी झंडी दे दी है, इस कदम के बाद भारत से अमेरिका निर्यात होने वाले कपड़ों, दवाओं और अन्य उत्पादों पर 500% तक का टैरिफ (आयात शुल्क) लगने का खतरा मंडरा रहा है।
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रुस से तेल खरीद बनी गले की फांस
इस भारी-भरकम टैरिफ का मुख्य कारण भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की निरंतर खरीद है, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा पेश किए गए ‘सेंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ 2025’ को राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन मिल गया है, अमेरिका का तर्क है कि रूस से तेल खरीदकर भारत अप्रत्यक्ष रूप से रूसी युद्ध मशीन को आर्थिक मदद पहुँचा रहा है, सीनेटर ग्राहम के अनुसार, इस विधेयक पर अगले सप्ताह की शुरुआत में मतदान होने की पूरी संभावना है।
क्या महंगे होंगे कपड़े और दवाइयां?
भारतीय निर्यातकों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टैरिफ लागू होता है, तो इसका सीधा असर इन क्षेत्रों पर पड़ेगा:
- कपड़ा उद्योग (Textiles): भारतीय गारमेंट एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है, 50% टैरिफ के मौजूदा दौर में ही निर्यात में गिरावट देखी गई थी, अब 500% का शुल्क भारतीय कपड़ों को अमेरिकी बाजार से पूरी तरह बाहर कर सकता है।
- फार्मा सेक्टर (Medicines): भारत की जेनेरिक दवाओं पर 200% से लेकर 500% तक का टैरिफ लगने की आशंका है। इससे न केवल भारत का निर्यात प्रभावित होगा, बल्कि अमेरिका में भी दवाइयां बेहद महंगी हो जाएंगी।
- निर्यात में भारी गिरावट: व्यापार विशेषज्ञों का अनुमान है कि 500% शुल्क लगने की स्थिति में भारत का अमेरिका को होने वाला कुल निर्यात 80 से 90 प्रतिशत तक गिर सकता है।
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भारत की प्रतिक्रिया और आगे की राह
भारत सरकार ने अमेरिका के इन संभावित कदमों को “अनुचित और तर्कहीन” करार दिया है, नई दिल्ली का स्पष्ट रुख है कि रुस से तेल की खरीद देश की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिए अनिवार्य है, फिलहाल, भारतीय कूटनीतिज्ञ इस संकट को टालने के लिए व्यापार वार्ता के जरिए रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
अगले हफ्ते होने वाला मतदान यह तय करेगा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच ‘ट्रेड वॉर’ छिड़ेगा या कूटनीति के जरिए कोई समाधान निकलेगा।
















