
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश की विवाहित महिलाओं के हित में एक ऐतिहासिक और जन-हितैषी फैसला लिया है, सरकार के इस कदम से राशन कार्ड में नाम जुड़वाने और कटवाने को लेकर सालों से चली आ रही जटिल प्रक्रिया अब बेहद आसान हो गई है, अब विवाहित महिलाओं की राशन यूनिट सीधे उनके मायके से ससुराल के राशन कार्ड में ट्रांसफर की जा सकेगी।
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खत्म हुई ‘सरेंडर सर्टिफिकेट’ की झंझट
पहले के नियमों के अनुसार, शादी के बाद किसी महिला का नाम ससुराल के राशन कार्ड में जुड़वाने के लिए उसे पहले मायके के कार्ड से नाम कटवाना पड़ता था। इसके लिए तहसील और आपूर्ति विभाग के चक्कर काटकर ‘नाम विलोपन प्रमाण पत्र’ (सरेंडर सर्टिफिकेट) हासिल करना एक बड़ी चुनौती होती थी। इस लंबी कागजी कार्रवाई के कारण अक्सर महिलाओं को महीनों तक सरकारी राशन के लाभ से वंचित रहना पड़ता था।
ऑनलाइन ‘यूनिट ट्रांसफर’ की नई सुविधा
योगी सरकार के नए फैसले के बाद अब राशन कार्ड पोर्टल पर ‘यूनिट ट्रांसफर’ का विकल्प दिया गया है। इसके तहत:
- महिला को मायके के कार्ड से नाम कटवाने के लिए भाग-दौड़ नहीं करनी होगी।
- आधार कार्ड के जरिए डेटा का मिलान कर ऑनलाइन ही यूनिट को माइग्रेट कर दिया जाएगा।
- ससुराल पक्ष के राशन कार्ड में नाम जुड़ते ही महिला को वहां का राशन मिलना शुरू हो जाएगा।
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डिजिटल यूपी से मिली रफ्तार
खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना और पात्र लाभार्थियों तक बिना किसी देरी के योजना का लाभ पहुंचाना है, आधार सीडिंग और डिजिटल डेटाबेस की वजह से अब डुप्लीकेट यूनिट की समस्या भी खत्म होगी, विवाहित महिलाएं अब अपने आधार कार्ड में ससुराल का पता अपडेट कराकर fcs.up.gov.in पोर्टल के माध्यम से या नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर इस सुविधा का लाभ उठा सकती हैं।
इस फैसले से प्रदेश की लाखों नवविवाहित महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा, जिन्हें अब सरकारी राशन की दुकान पर अपने हिस्से के अनाज के लिए लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी होगी।
















