नया ATM कार्ड हाथ में आते ही उत्साह होता है, लेकिन पिन जनरेट करने का समय सबसे जोखिम भरा साबित हो सकता है। ठग इसी पल का इंतजार करते हैं और चुटकियों में लाखों रुपये उड़ा ले जाते हैं। रोजाना सैकड़ों लोग इसी गलती की भेंट चढ़ रहे हैं, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है।

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ठगों की चालाकी का नया तरीका
शहर के व्यस्त ATM कियोस्क पर अक्सर दो-चार संदिग्ध युवक घूमते नजर आते हैं। वे मशीन में तकनीकी खराबी का बहाना बनाते हैं और नए कार्ड वालों को निशाना बनाते हैं। जब आप पहली बार कार्ड स्वाइप कर पिन सेट करने लगते हैं, तो वे आगे बढ़कर मदद की पेशकश करते हैं। बातचीत में उलझाते हुए आपका मूल कार्ड निकाल लेते हैं और उसकी जगह नकली कार्ड ठूंस देते हैं। बाहर निकलते ही वे आपके असली कार्ड से ट्रांजेक्शन शुरू कर देते हैं। यह सब कुछ मिनटों में हो जाता है, और आपको बाद में मोबाइल पर अलर्ट मिलता है।
एक चौंकाने वाली सच्ची कहानी
पंजाब के एक औद्योगिक इलाके में रहने वाले एक मजदूर को हाल ही में बैंक से नया कार्ड मिला। उत्साहित होकर वह नजदीकी ATM पहुंचा। वहां पहले से खड़े दो लड़के मशीन से जूझ रहे थे। मदद मांगी तो उन्होंने कार्ड ले लिया और कुछ बटन दबाने लगे। मजदूर ने सोचा सब ठीक है, लेकिन 15 मिनट बाद उसके फोन पर 25 हजार निकासी का संदेश आया। जल्दी बैंक दौड़ा तो पता चला कार्ड बदल दिया गया था। कुल 1 लाख से ज्यादा उड़ चुके थे, बाकी राशि ब्लॉक कर बचाई गई। पुलिस जांच में CCTV फुटेज से बदमाशों का सुराग मिला, लेकिन नुकसान तो हो चुका था। ऐसी घटनाएं उत्तर भारत के कई जिलों में बढ़ रही हैं।
खुद को कैसे बचाएं, ये टिप्स अपनाएं
- हमेशा एकांत या विश्वसनीय ATM चुनें, जहां कम लोग हों।
- पिन सेटिंग के लिए मोबाइल ऐप या नेट बैंकिंग का सहारा लें, ATM से परहेज करें।
- कोई मदद मांगे तो साफ मना करें और मशीन खुद संभालें।
- ट्रांजेक्शन के बाद तुरंत बैलेंस चेक करें और संदेह हो तो कार्ड ब्लॉक करवाएं।
- पिन कभी शेयर न करें, न ही आसपास देखें।
यह धोखा पूरे देश में फैल रहा है, खासकर नए कार्डधारकों को टारगेट किया जा रहा। जागरूक रहें, तो आपका पैसा सुरक्षित रहेगा। छोटी सी सावधानी से बड़ा नुकसान टल सकता है।
















