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दिसंबर की 4 डेडलाइन मिस की तो लगेगा तगड़ा जुर्माना! आज ही नोट कर लें जरूरी तारीखें

दिसंबर 2025 में टैक्सपेयर्स के लिए 4 बड़ी डेडलाइन: 10 दिसंबर ऑडिट ITR, 15 को TDS-एडवांस टैक्स, 30 को स्टेटमेंट और 31 को बिलेटेड रिटर्न। एक तारीख चूकें तो पेनल्टी-ब्याज की मार! अभी कैलेंडर चेक कर लें, साल टेंशन-फ्री खत्म करें।​

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december deadlines missing can cause heavy fines

दिसंबर का महीना आते ही टेंशन शुरू हो जाती है, खासकर टैक्सपेयर्स के लिए। साल का आखिरी महीना होने की वजह से यहां कई जरूरी कामों की आखिरी तारीखें आ गई हैं। ITR से लेकर TDS और एडवांस टैक्स तक, एक तारीख चूक गई तो पेनल्टी, ब्याज और रिफंड में देरी जैसी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। इसलिए अभी से कैलेंडर चेक कर लीजिए और इन चार मुख्य डेडलाइन को नोट कर लीजिए, ताकि साल खत्म होने से पहले सब साफ-सुथरा हो जाए।

10 दिसंबर: ऑडिटेड खातों वालों का आखिरी मौका

अगर आपका बिजनेस ऑडिट के दायरे में आता है या आप किसी फर्म के पार्टनर हैं जहां ऑडिट होता है, तो 10 दिसंबर आपके लिए सबसे बड़ा दिन है। पहले ये तारीख 31 अक्टूबर थी, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर दिसंबर तक कर दिया ताकि ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद ITR फाइल करने का थोड़ा वक्त मिल जाए। सेक्शन 5A के तहत पति-पत्नी जोड़े भी इसी कैटेगरी में आते हैं। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ये ITR दाखिल करने की अंतिम तारीख है, इसे मिस किया तो नोटिस, जुर्माना और ब्याज की भरमार हो जाएगी। इसलिए ऑडिट रिपोर्ट तैयार है तो उसी दिन फाइलिंग पूरी कर दीजिए।

15 दिसंबर: TDS, फॉर्म और एडवांस टैक्स का बिजी डे

महीने का मिडिल यानी 15 दिसंबर टैक्स कैलेंडर का सबसे व्यस्त दिन होता है। नवंबर का फॉर्म 27C इसी दिन अपलोड करना पड़ता है, सरकारी दफ्तरों को बिना चालान वाले TDS या TCS की रिपोर्ट फॉर्म 24G से देनी होती है। साथ ही एडवांस टैक्स की तीसरी किश्त जमा करने की डेडलाइन भी यही है, जो हर इंडिविजुअल, प्रोफेशनल और बिजनेसमैन पर लागू होती है। अक्टूबर में काटे गए TDS सर्टिफिकेट (जैसे 194IA, 194IB, 194M, 194S वाले) भी इसी दिन जारी करने पड़ते हैं, और स्टॉक एक्सचेंजों को फॉर्म 3BB अपलोड करना होता है। एक काम चूक गया तो चेन रिएक्शन शुरू हो जाता है, इसलिए इसे पहले से प्लान कर लीजिए।

30 दिसंबर: TDS स्टेटमेंट और क्लाइंट कोड की अंतिम डेट

30 दिसंबर को हल्के में न लीजिए, ये भी कम ओहदे का नहीं। मान्यता प्राप्त एसोसिएशनों को नवंबर का क्लाइंट कोड मॉडिफिकेशन स्टेटमेंट जमा करना होता है, देरी हुई तो कंप्लायंस रिकॉर्ड खराब हो जाता है। नवंबर के TDS के लिए चालान-कम-स्टेटमेंट भी इसी तारीख तक सबमिट करना जरूरी है, ताकि सिस्टम में पूरा अपडेट हो सके। अगर ये मिस हो गया तो पेमेंट मिसमैच, क्रेडिट न दिखना या सर्टिफिकेट में देरी जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। साल के आखिर में ये छोटे-छोटे काम निपटा लें तो आगे सुकून मिलेगा।

31 दिसंबर: बिलेटेड ITR की आखिरी घंटी

साल का लास्ट डे यानी 31 दिसंबर सबसे क्रिटिकल है। असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए बिलेटेड या अपडेटेड ITR फाइल करने की ये अंतिम तारीख है, बशर्ते आयकर विभाग ने आपका असेसमेंट अभी तक पूरा न किया हो। इसे चूक गए तो अपील के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा, पेनल्टी-ब्याज लगेगा और रिफंड महीनों तक लटका रहेगा। इसलिए अभी चेक कर लीजिए कि आपकी फाइलिंग स्टेटस क्या है, और जरूरी हो तो तुरंत काम शुरू कर दीजिए। दिसंबर को स्मार्टली हैंडल किया तो नया साल टेंशन-फ्री शुरू होगा।

Author
Divya

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