
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक संदेश तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ‘फ्री लैपटॉप योजना 2025’ के तहत देश के सभी छात्रों को मुफ्त लैपटॉप बांट रही है, इस मैसेज के साथ एक लिंक भी दिया जा रहा है, जिस पर क्लिक कर छात्रों से पंजीकरण करने को कहा जा रहा है, अगर आपके पास भी ऐसा कोई संदेश आया है, तो सावधान हो जाएं।
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PIB ने किया भंडाफोड़: मैसेज पूरी तरह फर्जी
सरकारी सूचना एजेंसी PIB (Press Information Bureau) ने इस वायरल मैसेज का फैक्ट चेक किया है। जांच में सामने आया कि केंद्र सरकार द्वारा ऐसी कोई भी योजना नहीं चलाई जा रही है। PIB ने स्पष्ट किया है कि यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी और भ्रामक है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे लिंक का उद्देश्य यूजर्स की निजी जानकारी चुराना और वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम देना हो सकता है।
AICTE ने भी दी चेतावनी
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) के नाम से भी ‘वन स्टूडेंट वन लैपटॉप’ योजना की खबरें वायरल हुई थीं। इस पर परिषद ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि उनकी ओर से ऐसी किसी योजना को मंजूरी नहीं दी गई है। छात्र ऐसी किसी भी अनधिकृत वेबसाइट पर अपनी जानकारी साझा न करें।
राज्यों में क्या है स्थिति? (State-wise Reality)
यद्यपि केंद्र स्तर पर ऐसी कोई योजना नहीं है, लेकिन कुछ राज्य सरकारें अपने स्तर पर मेधावी छात्रों को प्रोत्साहित करने के लिए लैपटॉप या सहायता राशि प्रदान करती हैं:
- यूपी सरकार ‘स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना’ के तहत पात्र छात्रों को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित करती है। इसकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल up.gov.in पर उपलब्ध रहती है।
- एमपी सरकार 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट अंक (75% से अधिक) लाने वाले छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹25,000 की प्रोत्साहन राशि सीधे बैंक खाते (DBT) के जरिए देती है।
- राजस्थान, हरियाणा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भी बोर्ड टॉपर्स या विशिष्ट श्रेणी के छात्रों के लिए समय-समय पर ऐसी योजनाएं लाई जाती हैं।
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धोखाधड़ी से कैसे बचें?
- किसी भी सरकारी योजना के लिए केवल
.gov.inया.nic.inडोमेन वाली वेबसाइटों पर ही भरोसा करें। - व्हाट्सएप या फेसबुक पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- सरकार की अधिकांश कल्याणकारी योजनाएं मुफ्त होती हैं। यदि कोई वेबसाइट पंजीकरण के नाम पर पैसे मांगती है, तो वह निश्चित रूप से फर्जी है।
















