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Bharat Ratna: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है देश का सर्वोच्च सम्मान? जानें क्या कहते हैं नियम और 2024 के बाद क्या बदला

भारत रत्न को लेकर वर्षों से बना भ्रम अब चर्चा में है। क्या जिंदा रहते यह सम्मान दिया जा सकता है? नियम क्या कहते हैं और 2024 के बाद इसमें क्या अहम बदलाव हुए? जानिए पूरी सच्चाई, जो चौंका सकती है।

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Bharat Ratna: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है देश का सर्वोच्च सम्मान? जानें क्या कहते हैं नियम और 2024 के बाद क्या बदला
Bharat Ratna: क्या जीवित व्यक्ति को मिल सकता है देश का सर्वोच्च सम्मान? जानें क्या कहते हैं नियम और 2024 के बाद क्या बदला

भारत दुनिया के सात देशों के साथ अपनी सीमा साझा करता है, जिनमें भूटान (Bhutan) एक बेहद अहम और भरोसेमंद पड़ोसी देश है। भूटान भारत के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में स्थित है और इसकी सीमा भारत के चार राज्यों—असम (Assam), पश्चिम बंगाल (West Bengal), सिक्किम (Sikkim) और अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) से लगती है। भारत और भूटान के बीच कुल सीमा लगभग 699 किलोमीटर लंबी है।

भारत–भूटान संबंध (India Bhutan Relations) केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग (Strategic Cooperation) पर भी आधारित हैं। यही वजह है कि भूटान में भारतीय सेना (Indian Army in Bhutan) की मौजूदगी अक्सर चर्चा का विषय बनती है।

Bhutan Defence: क्यों भूटान को चाहिए भारत की सैन्य मदद?

भूटान दुनिया के उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिनके पास अपनी कोई वायुसेना (Air Force) और नौसेना (Navy) नहीं है। भूटान की सुरक्षा मुख्य रूप से उसकी रॉयल भूटान आर्मी (Royal Bhutan Army) के जिम्मे है, लेकिन आधुनिक सैन्य संसाधनों और हवाई सुरक्षा के मामले में उसकी क्षमताएं सीमित हैं।

ऐसे में भारत भूटान की सुरक्षा व्यवस्था में एक अहम भूमिका निभाता है। भारतीय सेना न केवल भूटान की सीमाओं की निगरानी में सहयोग करती है, बल्कि सैन्य प्रशिक्षण, इंटेलिजेंस शेयरिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट भी प्रदान करती है।

India Bhutan Treaty 1949: सुरक्षा सहयोग की नींव

भारत और भूटान के रिश्तों की सबसे मजबूत कड़ी है 1949 की भारत–भूटान संधि (India Bhutan Treaty 1949)। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत दोनों देशों ने एक-दूसरे की सार्वभौमिकता (Sovereignty), क्षेत्रीय अखंडता (Territorial Integrity) और सुरक्षा (Security) का सम्मान करने का वादा किया था।

इस संधि के अनुसार, भूटान अपनी विदेश नीति और सुरक्षा मामलों में भारत से परामर्श करता है, जबकि भारत भूटान की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सहयोग देता है। यही कारण है कि आज भी भारतीय सेना की मौजूदगी भूटान में बनी हुई है।

Geopolitical Importance of Bhutan: भारत के लिए क्यों अहम है यह छोटा देश?

भूटान भले ही क्षेत्रफल और आबादी के लिहाज से छोटा देश हो, लेकिन भू-राजनीतिक (Geopolitical) दृष्टि से भारत के लिए इसका महत्व बहुत बड़ा है। भूटान हिमालयी क्षेत्र में स्थित है और भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए एक रणनीतिक बफर (Strategic Buffer) का काम करता है।

अगर इस क्षेत्र में किसी बाहरी ताकत का प्रभाव बढ़ता है, तो इसका सीधा असर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। यही वजह है कि भारत भूटान को केवल पड़ोसी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदार मानता है।

China Bhutan Border Dispute: भूटान के लिए सबसे बड़ा खतरा

जिस तरह भारत के लिए पाकिस्तान (Pakistan) एक प्रमुख सुरक्षा चुनौती है, उसी तरह भूटान के लिए चीन (China) सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। भूटान और चीन के बीच लगभग 499 किलोमीटर लंबी सीमा है, जिस पर लंबे समय से विवाद बना हुआ है।

इन विवादित इलाकों में सबसे अहम नाम है डोकलाम (Doklam Plateau)। डोकलाम क्षेत्र को लेकर भूटान और चीन के बीच मतभेद हैं। भूटान का दावा है कि डोकलाम का बड़ा हिस्सा उसका है, जबकि चीन इस पर अपना अधिकार जताता रहा है।

Doklam Standoff: जब भारत ने रोकी चीन की सड़क

डोकलाम विवाद (Doklam Dispute) उस समय अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आया, जब चीन ने इस क्षेत्र में सड़क निर्माण (Road Construction) शुरू किया। भूटान के अनुरोध पर भारतीय सेना ने इस निर्माण कार्य को रोक दिया।

यह कदम केवल भूटान की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की रणनीतिक सुरक्षा के लिए भी जरूरी था। डोकलाम भारत के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यह सिलीगुड़ी कॉरिडोर (Siliguri Corridor) के बेहद करीब है।

Siliguri Corridor: भारत का “Chicken Neck”

सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भारत का “चिकन नेक (Chicken Neck)” कहा जाता है। यह संकरा इलाका भारत के मुख्य भूभाग को उसके उत्तर-पूर्वी राज्यों से जोड़ता है। अगर चीन इस क्षेत्र में अपनी सैन्य पकड़ मजबूत कर लेता है, तो भारत के नॉर्थ-ईस्ट (North-East India) के लिए गंभीर सुरक्षा संकट पैदा हो सकता है।

यही कारण है कि भारत डोकलाम और भूटान की सुरक्षा को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखता है

Indian Army Role: सुरक्षा से आगे रणनीतिक संतुलन

भूटान में भारतीय सेना की मौजूदगी केवल सैन्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है। यह क्षेत्रीय संतुलन (Regional Balance), चीन की बढ़ती गतिविधियों पर नजर रखने और हिमालयी क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने का भी एक अहम जरिया है।

भारत और भूटान के बीच मजबूत विश्वास और सहयोग ही इस सुरक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत है।

Bharat Ratna
Author
Divya

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